चंडीगढ़ | हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास कार्यालय पर विभागीय अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। बैठक में मानसून के दौरान संभावित जलभराव की स्थिति और प्रदेश में पेयजल आपूर्ति की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाईन, ईआईसी राकेश चौहान, बीरेंद्र सिंह, एसएस कादियान समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून से पहले सभी ड्रेनों की सफाई कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी जिले में पीने के पानी की कमी न होने पाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नया डिस्ट्रीब्यूशन रोस्टर लागू होने तक सभी अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में सक्रिय रहें, और यदि कहीं भी पानी की किल्लत की स्थिति बनती है तो तत्काल टैंकरों या ट्यूबवेल के माध्यम से आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
श्रुति चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि पानी के वितरण की योजना रोस्टर के अनुसार लागू की जाए और जहां जरूरत अधिक हो, वहां प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त पानी दिया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों, विशेषकर जनस्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पब्लिक हेल्थ) के साथ समन्वय बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
साथ ही, मंत्री ने 56वीं हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की भी समीक्षा की और कहा कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जनता को कोई परेशानी न हो, इसके लिए पहले से पूरी तैयारी रखें और किसी भी ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।







