हरियाणा | हरियाणा-पंजाब के जल विवाद को लेकर जेजेपी का प्रतिनिधिमंडल आज राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मिला और उन्हें दो महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के साथ ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला, प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला शामिल थे।
अजय चौटाला ने कहा कि पंजाब सरकार पानी को लेकर लगातार असंवैधानिक फैसले ले रही है। पिछले दो सालों में SYL जल नहर को लेकर केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार पर इस मसले को सुलझाने में विफलता का आरोप लगाया।
पंजाब के सीएम के पानी न देने वाले बयान पर चौटाला ने कहा कि प्रदेश में न तो खेती के लिए पर्याप्त पानी है और न ही पीने का पानी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार को अधिकार दिया गया था कि वे केंद्र से बात करें, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब जो करना है विपक्ष को करना चाहिए।
पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि राज्यपाल से बातचीत में दो मुद्दे मुख्य रहे — पंजाब द्वारा हरियाणा से अधिक पानी का अवैध उपयोग और SYL नहर को लेकर 2023 में आए फैसले को लागू करने की आवश्यकता। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार को अदालत में जाकर न्याय के लिए लड़ना चाहिए।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कल से नया जल विभाजन लागू होगा, पर निर्णय समय ही बताएगा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को पैरामिलिट्री फोर्स लगाकर हरियाणा के जल अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि राज्य के सात जिलों में पानी की भारी कमी है और लगभग 200 जल स्रोत सूख चुके हैं। उन्होंने BBMB में हरियाणा के सदस्य के नामांकन में देरी को भी बड़ा फेल्यर बताया और कहा कि देशद्रोह करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।







