रेवाड़ी | रेवाड़ी जिले में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) हरियाणा का अब तक का सबसे बड़ा स्वास्थ्य परियोजना बनने की ओर अग्रसर है। 1243 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह संस्थान न केवल राज्य के 8 जिलों बल्कि राजस्थान के दो सीमावर्ती जिलों की लाखों की आबादी को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
हरियाणा: रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद
राजस्थान: अलवर और झुंझुनूं
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
- स्थान: AIIMS का निर्माण महेंद्रगढ़ बस स्टैंड से करीब 38 किलोमीटर दूर किया जा रहा है।
- निर्माण प्रगति: निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है और आने वाले कुछ वर्षों में यह संस्थान पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
- स्थानीय फायदा: पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दिल्ली, रोहतक, जयपुर और गुरुग्राम जाना पड़ता था। अब ये सुविधाएं नजदीक ही उपलब्ध होंगी।
- रोजगार: परियोजना के पूर्ण होते ही लगभग 15,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
एक हेल्थ केयर क्रांति की ओर
AIIMS रेवाड़ी न केवल चिकित्सा सुविधाओं का केंद्र बनेगा बल्कि दक्षिणी हरियाणा और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। यह प्रोजेक्ट प्राथमिक चिकित्सा से लेकर सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं तक सभी स्तर की चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराएगा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेवाड़ी में आयोजित अपनी पहली रैली के दौरान इस AIIMS की स्थापना का वादा किया था। इस परियोजना ने अहीरवाल क्षेत्र में भाजपा की पकड़ मजबूत की और लोगों को एकजुट किया। इसके बाद पार्टी लगातार तीसरी बार राज्य की सत्ता में लौटने में सफल रही।







