चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी जिलों में स्टेट इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन सेंटरों का उद्देश्य लू, भारी बारिश, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में नागरिकों को त्वरित राहत प्रदान करना है। ये केंद्र 24 घंटे सक्रिय रहेंगे और संकट की घड़ी में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
राज्य की अतिरिक्त मुख्य सचिव (आपदा प्रबंधन) डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी जिला उपायुक्तों और मंडलायुक्तों को 15 मई तक आवश्यक तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
पंचकूला में पहले से सक्रिय है राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम
डॉ. मिश्रा ने बताया कि पंचकूला के सेक्टर-3 में पहले से एक राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित है, जो 24×7 कार्यरत है। इसका टेलीफोन नंबर 0172-2545938 है। जिलों को इसी मॉडल पर अपने-अपने स्तर पर इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर तैयार करने होंगे।
बाढ़ नियंत्रण आदेश का नाम बदला गया
जारी आदेश में यह भी बताया गया कि अब “बाढ़ नियंत्रण आदेश” की जगह इसे “बाढ़ कार्य योजना” के नाम से जाना जाएगा, जिसे 31 मई तक वित्तायुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
लू और सूखे से निपटने के लिए भी तैयारी के निर्देश
राज्य सरकार ने सूखा और लू जैसी स्थितियों से निपटने के लिए मंडल, जिला और तहसील स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इन नियंत्रण कक्षों के टेलीफोन नंबर, ईमेल पते, स्थान, नोडल अधिकारी का नाम और संपर्क विवरण जल्द से जल्द राज्य कार्यालय को भेजने के लिए कहा गया है।
सेंटर में होंगी ये सुविधाएं
सभी नियंत्रण कक्षों में एक अलग कमरा होना अनिवार्य किया गया है, जिसमें मेज-कुर्सी, टेलीफोन, 24 घंटे इंटरनेट, कंप्यूटर सेट, स्कैनर, फोटोकॉपी मशीन, ऑपरेटर, कूलर और पंखे जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।







