चरखी दादरी | जिले में गुरुवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने अनाज मंडी में खुले में रखे हजारों क्विंटल गेहूं और सरसों को भीगा दिया। बारिश के चलते बड़ी मात्रा में अनाज के खराब होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों और आढ़तियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। मंडी प्रशासन द्वारा समय पर उठान न होने को इस नुकसान का मुख्य कारण माना जा रहा है।
बावजूद इसके कि आढ़तियों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे, मंडी प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की पोल इस बारिश ने खोल कर रख दी है। वहीं मंडी अधिकारियों ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सिर्फ इतना कहा है कि अनाज को सुखाकर गोदामों में भेजा जाएगा।
मंडियों में भारी आवक, उठान धीमा
वर्तमान रबी सीजन में चरखी दादरी की मंडियों में गेहूं और सरसों की रिकॉर्ड तोड़ आवक देखी गई है। सरकारी खरीद बंद होने के बावजूद मंडी में अनाज का ढेर लगा हुआ है। उठान की गति बेहद धीमी होने की वजह से हजारों क्विंटल अनाज सड़कों और खुले मैदानों में पड़ा है, जो अब बारिश की चपेट में आ चुका है।
“पहले से किया था आगाह” – मंडी सचिव
मार्केट कमेटी के सचिव विजय कुमार ने इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए माना कि उठान में देरी हुई है और इसी कारण अनाज खुले में पड़ा था। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने की संभावना को देखते हुए आढ़तियों को पहले ही तिरपाल आदि से अनाज ढकने के निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने कहा, “अब आढ़तियों को निर्देश दिए गए हैं कि भीगे अनाज को अच्छे से सुखाकर बैगों में भरें और इन्हें लकड़ी की कैरेट पर रखकर जब पूरी तरह सूख जाएं, तभी गोदामों में भेजा जाए।”
इस अप्रत्याशित बारिश ने न केवल मंडी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया है, बल्कि किसानों के मेहनत की फसल को भी भारी खतरे में डाल दिया है।







