महेंद्रगढ़ | शहर के पास स्थित एक निजी हार्ट अस्पताल में एक बुजुर्ग की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया।
घटना बुधवार रात की है, जब गांव बुचावास निवासी ललित सिंह अपने पिता विक्रम सिंह को गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता के चलते विक्रम सिंह की जान चली गई।
परिजनों का आरोप: रेफर में की गई देरी
मृतक के बेटे मोनु राजपूत ने बताया कि इलाज के लिए आवश्यक शुल्क जमा करवाने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने समय पर जरूरी उपचार नहीं दिया और दूसरे अस्पताल में रेफर करने में दो घंटे की देरी कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अस्पताल स्टाफ का रवैया बेहद असंवेदनशील और अमानवीय रहा।
पुलिस पहुंची मौके पर, जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही शहर थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कर शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं, पुलिस ने लिखित शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस अस्पताल प्रशासन की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।







