चंडीगढ़ | राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने राज्य की पंचायतों को 368 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय ग्राम उत्थान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 233 करोड़ रुपये की लागत से बने 923 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जबकि 135 करोड़ रुपये की लागत वाले 413 नए कार्यों का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने पंचायतों को स्टांप ड्यूटी के हिस्से के रूप में 573 करोड़ रुपये की राशि 22 जिला परिषदों, 142 पंचायत समितियों और 5388 ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की। इसके अतिरिक्त, 511 ग्राम पंचायतों को महिला चौपालों के निर्माण के लिए 18.28 करोड़ रुपये और 411 जिला परिषद व 3081 पंचायत समिति सदस्यों को कुल 1.45 करोड़ रुपये का मानदेय भी जारी किया गया।
‘मुख्यमंत्री जागृत ग्राम पुरस्कार योजना’ की शुरुआत
इस मौके पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ‘मुख्यमंत्री जागृत ग्राम पुरस्कार योजना’ की शुरुआत की। इस योजना के अंतर्गत उन ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा जो शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, कृषि उत्पादकता, डिजिटल कनेक्टिविटी और टिकाऊ बुनियादी ढांचे जैसे सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन करेंगी। जनसंख्या के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली पंचायत को 51 लाख, द्वितीय को 31 लाख और तृतीय को 21 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जो स्थानीय विकास कार्यों में उपयोग की जाएगी।
निर्वाचित प्रतिनिधियों को रिफ्रेशर ट्रेनिंग
पंचायती राज संस्थाओं के 71 हजार निर्वाचित प्रतिनिधियों को सशक्त बनाने के लिए ‘राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान’ के तहत उन्हें रिफ्रेशर ट्रेनिंग देने की योजना भी शुरू की गई है। प्रशिक्षण के साथ-साथ इन प्रतिनिधियों को अन्य राज्यों के सफल ग्रामीण मॉडल्स का अध्ययन करने हेतु भ्रमण पर भी भेजा जाएगा। कार्यक्रम में “मेरा गांव-मेरी धरोहर” और “मुख्यमंत्री जागृत ग्राम पुरस्कार योजना” से जुड़ी पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया गया, जिनमें राज्य की 22 प्रेरणादायक ग्रामीण कहानियों को संकलित किया गया है।
41,591 नए लाभार्थियों को पेंशन योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल से ही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 41,591 नए लाभार्थियों को पेंशन का लाभ प्रदान करते हुए उनके बैंक खातों में 12.59 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की। उन्होंने बताया कि अब वृद्धावस्था, दिव्यांग और अन्य पेंशन योजनाओं को प्रो-एक्टिव मोड में लाया गया है, जिससे पात्र नागरिकों को स्वतः पेंशन मिल रही है और उन्हें कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।







