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सीड्स व पेस्टीसाइड एक्ट 2025 का विरोध.. खाद, बीज व दवाई विक्रेता हड़ताल पर..किसान परेशान

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Karnal, 08 April-प्रदेश सरकार की ओर से लागू सीड्स व पेस्टीसाइड एक्ट 2025 के विरोध में खाद, बीज व दवाई विक्रेता हड़ताल पर चले गए हैं। एसोसिएशन की ओर से प्रदेश भर में सात दिन की हड़ताल की घोषणा की गई । बीते सोमवार को करनाल में भी हड़ताल का असर देखने को मिला और बीज मार्केट में सभी दुकानें बंद रहीं जिसके कारण किसानों को इस दिक्कत का सामना करना पड़ा।
नए कानून को वापस लेने की मांग
फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड एवं सीड ट्रेडर्स एसोसिएशन ने आज एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया.जिसमें एसोसिएशन के जिला प्रधान रामकुमार गुप्ता ने कहा कि प्रदेशभर से पांच हजार से अधिक बीज उत्पादकों, पेस्टीसाइड्स निर्माताओं व विक्रेता सरकार के इस कानून के विरोध में हैं। नए कानून को वापस लेने की मांग की जा रही है।उन्होंने कहा कि इस कानून में व्यापारियों के खिलाफ असंगत धाराएं लगाई गई हैं, जिससे किसी का इस व्यापार में रहना संभव नहीं है। रामकुमार गुप्ता ने कहा कि कई राज्यों से सभी बड़ी कंपनियों व बीज, पेस्टीसाइड, फर्टिलाइजर एसोसिएशन से भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। उन्होंने भी हरियाणा में बीज व पेस्टीसाइड सप्लाई न करने का निर्णय लिया है। जल्द खरीफ सीजन की बिजाई शुरू होने को है, अगर सरकार ने इस तरफ ध्यान न दिया तो आने वाले दिनों में यह किसानों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकता है।
नए आदेशों में विक्रेता दुकानदारों को अधिक आर्थिक दंड
नए आदेशों में विक्रेता दुकानदारों को अधिक आर्थिक दंड और तीन साल की सजा का प्रावधान किया गया है। इसे गैर जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है, एसोसिएशन का कहना है कि यह तर्कसंगत नहीं है। बीते कल जिला करनाल फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड एवं सीड ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से जिले के सभी विधायकों को कानून के विरोध में ज्ञापन भी सौंपे गए है।गौरतलब है कि करनाल में बीज,खाद व दवा बेचने वाली लगभग 850 दुकानें जिलेभर में बंद रही।करनाल शहर में इन दुकानों की संख्या करीब 125 है।उन्होंने दावा करते हुए कहा कि हड़ताल के पहले दिन सभी 850 दुकानें पूर्ण रूप से बंद रही।
एसोसिएशन का कहना है कि सरकार द्वारा बनाए गए काले कानून के विरोध में दुकानदारों को हड़ताल पर जाना पड़ रहा है। इस कठोर कानून के लागू होने से लाखों लोग बेरोजगारी की कगार पर पहुंच जाएंगे। इस कानून से कीटनाशक, खाद और बीज उत्पादकों और विक्रेताओं की कमर टूट जाएगी। उन्होंने कहा कि बीज व दवा विक्रेताओं के लिए बना कानून सरकार वापस ले।  उन्होंने कहा कि इससे सारा कारोबार चौपट हो जाएगा। बीज और कीटनाशक का कारोबार ठप होने से कृषि उपज भी बुरी तरह प्रभावित होगी। यह नया कानून बीज और कीटनाशक विक्रेताओं का जीना दूभर कर देगा।

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