Kurukshetra, 08 April -बीज अधिनियम 2025 को लेकर भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी ने इस नए अधिनियम को लेकर हरियाणा सरकार का आभार जताया. उन्होंने कहा की पिछले काफी लंबे समय से यह हमारी मांग भी थी।गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि हम किसी के खिलाफ नही परंतु व्यवस्था सुधरनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सरकार का अच्छा फैसला है और हम सरकार के इस फैसले का समर्थन करते हैं।
चढूनी ने कहा कि प्रति वर्ष काफी किसानों की गुणवता से घटिया किस्म के बीज व दवाईयों को लेकर शिकायते आती है उनकी फसलें खराब हो जाती है, जिसे लेकर किसानों को लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद भी कानून में गुणवता से कम यानि घटिया किस्म के बीज व दवाईया के उत्पादन व बेचने के अपराध सिद्द होने के उपरांत भी दोषी मात्र 500 रुपए जुर्माना देकर छूट जाते थे या मात्र 15 दिनो के लिए लाईसंस कैसल किया जाता था।इसके अलावा कानून मे कोई ठोस सजा का प्रावधान नही था,जिससे प्रदेश में गुणवत्ता से कम यानि घटिया किस्म के बीज व दवाईया का कारोबार बड़े पैमाने पर फल फूल रहा था।इस पर रोक लगानी जरूरी थी।उन्होंने कहा की इस अधिनियम में मात्र सजा का प्रावधान बढ़ाया गया है। बाकी सारा कानून के नियम ज्यो का त्यो है, जोकि पहले से चले आ रहे है।
भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी ने मांग की है कि दुकानदार काफी मात्रा में किसान को बिना सिफारिश की हुई दवाए व बीज बेचते है. काफी कपनिया गाँव गाँव जाकर किसानो को बहकाने में लगी रहती है और उन्हे बिना किसी कृषि विश्वविद्यालय की सिफारिश के अपने उत्पादन बेच देते है।चढूनी ने सरकार से माँग करते हुए कहा की हर जिले में गुणवता जाँच केंद्र (कृषि लैब) खोले जाने चाहिए, ताकि किसान आसानी से खरीदे गए कृषि उत्पादन की जाँच करवा सके।







