करनाल, 7 मार्च – करनाल जिले के साम्भी गांव के पास नहर से 8 दिन बाद 7 साल की मासूम का शव मिलने से आसपास हड़कंप मच गया। आज सुबह जब ग्रामीण नहर से गुजर रहे थे तो उन्होंने देखा की कुत्ते बच्ची के शव को नोच रहे है। जिसके बाद मामले की सूचना निगदू थाना पुलिस को दी गई। पुलिस द्वारा गोताखोर परगट सिंह की मदद ली।गोतखोर ने शव की शिनाख्त करते हुए कहा कि यह उसी बच्ची का शव है जिसे 8 दिन पहले घरेलू कलह के चलते नहर में फेंक दिया था।
करनाल पुलिस ने कुरुक्षेत्र पुलिस को भी मामले की सूचना दे दी है। वहीं शव को कब्जे को लेकर पोस्टमॉर्टम हाउस में भिजवा दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के सौंपा जाएगा।
बताया जा रहा है कि आरोपी पिता ललित महतो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। बीते शनिवार को पत्नी के झगड़े के बाद आरोपी ललित महतो अपनी 7 साल छोटी बेटी आंचल जो पहली कक्षा में पढ़ती थी, उसे सुबह 9 बजे आधार कार्ड बनवाने के बहाने से स्कूल से लेकर आ गया था। जब वह बेटी को नहर की तरफ ले जा रहा था तो रास्ते में बच्ची को भूख भी लगी थी तब आरोपी ने उसे खाने के लिए केले भी दिए। उसके बाद आरोपी ने अपनी बेटी को मिर्जापुर-किरमिच गांव के बीच नरवाना ब्रांच नहर में फेंक दिया।
पुलिस कार्यवाही:
थाना सदर थानेसर से ए एस आई परमजीत सिंह ने बताया कि आरोपी ललित को पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। आज बच्ची का शव करनाल के साभ्भी गांव के पास नहर से बरामद हुआ है। बताया जा रहा है बच्चे के शव को कुत्ते नोच रहे थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा।
पुलिस रिमांड के बाद हुआ खुलासा:
कुरुक्षेत्र के खेड़ी मारकंडा गांव में रह रहे बिहार निवासी ललित महतो की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ललित महतो को गिरफ्तार कर गहनता से पूछताछ की तो उसने पूरी वारदात का खुलासा किया था। इसके अलावा आरोपी ने यह भी खुलासा किया कि वह आंचल को नहर में फेंकने के बाद अपनी पत्नी और बच्चों को भी मारने वाला था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने यह बात स्वीकार की है कि उसने दो माह पहले भी खाने में जहर मिलाया था, मगर खाना खराब होने के कारण बच्चों ने खाना नहीं खाया। उसका अपनी पत्नी के साथ अक्सर झगड़ा रहता था।
आरोपी की पत्नी शांति का कहना:
ने बताया कि उसने लोन लेकर बिहार में घर बनाया है, वहीं जमीन भी खरीदी। उसने अपने पति को लोन पर ही मोटरसाइकिल भी दिलाई थी, मगर आरोपी ने उसे कोई पैसा नहीं दिया। उलटा उसी से पैसे मांगता था। इस कारण अक्सर झगड़ा रहता था। शनिवार को उसकी बेटी को नहर में फेंक कर आने के बाद भी ललित फैक्ट्री के गेट पर उसे मारने के लिए आया था, मगर उसकी बड़ी बेटी व उसने सरिया उठा लिया जिस कारण वह मौके से भाग गया था।







