कुरुक्षेत्र, 7 मार्च –कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय यूआईईटी संस्थान में विद्यार्थियों द्वारा ईवी व्हीकल निर्मित किया गया है.फार्मूला ईवी व्हीकल की विशेषता है कि विद्यार्थियों द्वारा निर्मित फार्मूला ईवी व्हीकल में वेस्ट मैटेरियल का भी प्रयोग किया गया है तथा एक व्हीकल को बनाने में 32 विद्यार्थियों की टीम ने डिजाइन, बैटरी, पाइप कटिंग, इंस्टालेशन, ब्रेक, टायर सम्बन्धित सारे कार्य स्वयं किए हैं। इसको बनाने में करीब एक लाख रुपये खर्चा आया है। इलेक्ट्रिक व्हीकल जहां एक ओर ग्रीन एनर्जी की दिशा में सकारात्मक कदम है वहीं पर्यावरण संरक्षण में भी इसका अहम योगदान है।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने की विद्यार्थियों की सराहना
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवाचार विकसित भारत का आधार है। वर्तमान समय ईवी व्हीकल का है तथा भारत सरकार द्वारा 2030 तक पेट्रोल और डीजल वाहनों को फेजआउट करने का मिशन दिया गया है जिसके कारण बाजार में ईवी व्हीकल की डिमांड बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि फोसिल फ्यूल व्हीकल में लगभग 2 हजार कम्पोनेंट होते हैं वहीं ईवी व्हीकल के अंदर केवल 20 कंपोनेंट होते हैं। वे शुक्रवार को यूआईईटी संस्थान में पांच दिवसीय ईवी सक्षम डिजाइन एंड डेवलपमेंट राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन अवसर पर यूआईईटी संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा निर्मित दो ईवी फॉर्मूला रेसिंग कार के निरीक्षण करते हुए बोल रहे थे।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. सोमनाथ ने यूआईईटी संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा, यूआईईटी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रयास आने वाले समय में विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीक जानने के अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने युवा विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्टार्टअप की तरफ ज्यादा से ज्यादा कदम बढ़ाएं ताकि वे रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें। केयू ने एनईपी को देश में सबसे पहले सभी प्रावधानों के साथ लागू किया है। एनईपी में कौशल विकास को प्राथमिकता दी गई है व इंटर्नशिप का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष कुवि के लगभग 75 हजार विद्यार्थियों ने 2 महीने की इंटर्नशिप के लिए बाहर निकलना है। आने वाला समय देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए बहुत अच्छा है। इसके साथ ही कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने वोल्फ 2.0 एडवेंचर कार का भी निरीक्षण किया।
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