सिरसा 4 मार्च — प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की स्मृति में 5 मार्च को सिरसा की जननायक चौ. देवीलाल विद्यापीठ में महामहिम उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ म्यूजिम की आधारशिला रखेंगे। इस म्यूजिम में चौ. ओमप्रकाश चौटाला के जीवन से जुड़ी हुई वस्तुओं को रखा जाएगा, ताकि भावी पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा मिल सके। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 5 मार्च को ओढां के माता हरकी देवी कालेज के दीक्षांत समारोह में शिरकत करने के बाद सिरसा के जननायक चौ. देवीलाल विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां देंगे।
सिरसा में अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए इनैलो के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव चौधरी अभय चौटाला ने कहा कि शिक्षा में पिछड़े सिरसा जिला में चौ. देवीलाल व चौ. ओमप्रकाश चौटाला ने शिक्षा की अलख जगाने का काम किया। सिरसा के पन्नीवाला मोटा में इंजीनियरिंग कालेज बनाया तो ओढां में मेरी दादी माता हरकी देवी के नाम पर महाविद्यालय का निर्माण करवाया। सिरसा में दादा चौ. देवीलाल की याद में विश्वविद्यालय स्थापित किया तो विद्यापीठ नाम से एक आधुनिक संस्थान बनवाया।अभय चौटाला ने कांग्रेस पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए कहा कि निकाय चुनाव में कांग्रेस के रवैये से जाहिर हो गया कि कांग्रेस भाजपा से मिली हुई है। मिसाल के तौर पर सिरसा जिला में कांग्रेस के तीन विधायक हैं और इनमें से दो विधायक एवं सीनियर नेता प्रचार में कहीं नजर नहीं आए। अभय चौटाला ने कहा कि विधानसभा के सत्र में उनकी पार्टी के दोनों विधायक जनता सेे जुड़े हुए मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। उनकी पार्टी की ओर से एक दर्जन कॉलिंग अटैंशन मोशन के लिए आवेदन किया गया है।
भाजपा व कांग्रेस को बताया किसान विरोधी
इनैलो महासचिव अभय चौटाला ने भाजपा व कांग्रेस दोनों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि जब वी.पी. सिंह देश के प्रधानमंत्री थे और सरकार में चौ. देवीलाल की दखल थी, उस समय किसानों के हित में ऐतिहासिक फैसले लिए गए। चौ. देवीलाल ने पहले हरियाणा के किसानों के 10-10 हजार रुपए के कर्ज माफ किए और बाद में देश के किसानों के हित में भी कदम उठाए।आज किसान अपने हकों को लेकर आंदोलन करने को मजबूर हैं। प्रदेश में दो बार हुई ओलावृष्टि से किसानों की 2 लाख एकड़ में खड़ी फसल को नुक्सान पहुंचा है। मुख्यमंत्री इस पर बयान देते हैं कि तीन दिन के लिए पोर्टल खुला है, जबकि पोर्टल हमेशा खुला रहना चाहिए, ताकि किसान अपनी समस्या वहां पर रख सकें।
अभय चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार के वरिष्ठ मंत्री अनिल विज ही जब यह कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री हवा मे हैं और उडऩखटोले से नीचे ही नहीं उतर रहे हैं। विज के इस बयान से जाहिर हो गया है कि मुख्यमंत्री धरातल से कोसों दूर हैं। मुख्यमंत्री ट्रिपल इंजन की सरकार का दावा करते हैं, जबकि यह सब को पता है कि इंजन किस ईंधन से चल रहा है और कैसे चल रहा है। कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनानगर, सिरसा, करनाल एवं कैथल जैसे इलाकों में पहले गैंगवार व फिरौती वारदातें नहीं होती थी। पारिवारिक झगड़े एवं जमीनी विवाद को लेकर अपराध होते थे। अब तो सरेआम फिरौतियां मांगी जा रही हैं और डकैती जैसी वारदातें हो रही हैं। अभय ने आरोप लगाया कि अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है और वे भयमुक्त होकर आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
अवैध कालोनियों के जरिए हो रहा है भूमाफिया का खेल
इनैलो के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अभय चौटाला ने कहा कि सरकारी संरक्षण में हरियाणा के अंदर अवैध कालोनियों पनप रही हैं। सरकार की शह पर कालोनियों काटी जा रही है। भूमाफिया को खुली छूट दी हुई है। मंत्री एवं सरकार में पहुंच रखने वाले नेता जनता की जेब पर डाका डाल रहे हैं। मकान बनाने के लिए लोग पहले प्लांट ले लेते हैं और दलालों के झांसे में आ जाते हैं। बाद में उनको इन अवैध कालोनियों मे न तो सीवरेज की सुविधा मिलती है और न ही सफाई, बिजली, पानी एवं सडक़ों की सुविधाएं मिलती हैं। अभय चौटाला ने कहा कि आज जहां प्रदेश में भूमाफिया हावी है तो पेपर लीक की घटनाओं के चलते युवा भी हताश एवं मायूस हैं। पहले सरकार ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करती है और फिर खुद ही संरक्षण देती है।
विधायकों को वाहन उपलब्ध करवाए सरकार
इनैलो के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव चौ. अभय सिंह चौटाला का कहना है कि विधायकों को विकास के लिए दी जाने वाली वार्षिक 5 करोड़ रुपए की ग्रांट में अब तक सरकार भेदभाव रवैया अपनाती रही है। सत्ता पक्ष के विधायकों को ग्रांट समय पर दी जाती रही है, लेकिन विपक्ष के विधायकों से भेदभाव किया जाता रहा है। अभय चौटाला ने कहा कि सरकार को 5 करोड़ रुपए की बजाय ग्रांट को 10 करोड़ रुपए वार्षिक करनी चाहिए। अभय चौटाला ने तर्क दिया कि जब ब्लॉक समिति के चेयरमैन को विकास के लिए 20 से 30 करोड़ रुपए की ग्रांट मिलती है तो विधायकों को भी इसी तर्ज पर ग्रांट राशि दी जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि जिला परिषद के चेयरमैन को विकास के लिए वार्षिक 50 करोड़ रुपए की राशि मिलती है और उन्हें सरकारी गाड़ी भी मिलती है। विधायकों को भी सरकार की ओर से गाड़ी उपलब्ध करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को दलगत राजनीतिक भावना से ऊपर उठकर विधायकों की इस मांग को पूरा करना चाहिए। विधानसभा सत्र में पार्टी के दोनों विधायकों की ओर से इस मांग को उठाया जाएगा।







