गुरुग्राम,18 दिसंबर ( TSN)– खेल जीवन में अनुशासन और धैर्य सिखाता है। मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़कर ही खिलाड़ी सफलता प्राप्त करते हैं।” उन्होंने छात्रों को खेल के प्रति अपना जुनून बनाए रखने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया। खेलो में हिस्सा लेने से शरीर स्वास्थय रहता है। शरीर स्वस्थ होगा तो बनेगा राष्ट्र बेहतर। यह कहना है अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी योगेश्वर दत का। वह साइबर सिटी के जीएवी पब्लिक स्कूल में मनाए जा रहे एंवल स्पोर्स्ट डे के अवसर पर पहुचे थे। उनके साथ पहुचे गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा ने ध्वजारोहण कर खेलो की शुरुआत की।
इस अवसर पर स्कूल में छात्र और छात्राओ का हौसला बढ़ाने पहुचे ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत ने कहा कि खेल और शिक्षा सिक्के के दो पहलू है।अगर बच्चा शिक्षा में अच्छा है और खेल में कमजोर तो उसके लिए पढ़ाई का कोई महत्व नही। इसी तरह खेल में अच्छा है और पढ़ाई में कमजोर तो उसका भी कोई महत्व नही। बच्चे को खेल और पढ़ाई दोनों में ही अब्बल रहना होगा। देश के प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री दोनों का एक ही लक्ष्य है की देश का युवा खेलो और पढ़ाई दोनों में अब्बल रहे। भारत ऋषि मुनियों की धरती है। ऋषिमुनियों ने सदा ही सिखाया है कि स्वस्थ्य होगा शरीर तो बनेगा बेहतर राष्ट्र। बाइट-योगेश्वर दत अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी
खेल केवल शारीरिक गतिविधि नहीं
गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा ने कहा कि खेलो से सबसे बड़ा जुड़ाव राष्ट्र के प्रति बनता है। अभी से बच्चो में खेल की भावना आएगी तो उसकी संगत भी बेहतर होगी। बच्चा नशे से रहेगा दूर तो बनेगा बेहतर राष्ट्र निर्माता। उन्होंने कहा की”खेल केवल शारीरिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह बच्चों के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। खेलों से अनुशासन, सहयोग, आत्मविश्वास और लक्ष्य प्राप्ति की भावना विकसित होती है।” उन्होंने बच्चों की ऊर्जा और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने और अपनी क्षमता को पहचानने का अवसर मिलता है।







