13 दिसंबर, दिल्ली– सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नेशनल हाईवे की नाकेबंदी एक कारण से की गई है और हम चाहते हैं कि उस कारण की पहचान की जाए। कारण पूरी तरह या आंशिक रूप से सही हो सकता है। लेकिन हम ऐसा कोई निर्देश जारी करने के लिए इच्छुक नहीं हैं जिसे लागू करना मुश्किल हो . सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाया था, वो कमेटी अपना काम कर रही है, कुछ प्रगति हुई है।
आंदोलन गांधीवादी तरीके से चलने दें
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी की अभी तक के प्रगति पर संतोष जताया। कोर्ट ने कहा कि कमेटी अच्छा काम कर रही है. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों की शिकायतों को सुलझाने के लिए एक हाईपावर्ड कमेटी बनाई है. इस कमेटी का गठन पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति नवाब सिंह की अध्यक्षता में किया गया है. पिछले दिनो कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट मे अपनी स्टेटस रिपोर्ट सौंपी है। कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंढेर को बातचीत के लिए बुलाने को कहा है।
गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शंभू बॉर्डर को आंशिक रूप से खोलने का आदेश दिया था. इस हिसाब से, दोनों तरफ़ से एक-एक लेन इमरजेंसी और जन सुविधा के लिए खोली गई थी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को चेतावनी दी है कि वे राजनीतिक दलों से दूरी बनाकर रखें और किसान अगर चाहें, तो अपने आंदोलन को वैकल्पिक जगहों पर स्थानांतरित कर सकते हैं। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि नेशनल हाईवे कोई पार्किंग स्थल नहीं हैं।







