अम्बाला, 29 नवंबर (TSN)- शहर के व्यापारियों और सरपंचों के खिलाफ़ की जा रही कार्रवाई को लेकर अंबाला शहर के विधायक निर्मल सिंह ने सरकार व प्रशासन को सचेत किया है।उन्होंने साफ कहा कि भाजपा सरकार व पूर्व विधायक प्रशासन के दम पर व्यापारियों व सरपंचों को सियासी रंजिश का शिकार बनाकर परेशान न करें। इसके लिए उन्होंने पूर्व विधायक असीम गोयल को भी नसीहत दी है।
बीजेपी नेता एवं पूर्व विधायक असीम गोयल को दी नसीहत
विधायक निर्मल सिंह ने कहा कि असीम गोयल जनता का फैसला स्वीकार करे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद से ही प्रशासन की ओर से कांग्रेस समर्थित सरपंचों व व्यापारी वर्ग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। झूठी शिकायतों पर कई सरपंचों को सस्पेंड तक कर दिया गया है। कई सरपंचों के खिलाफ पंचायती रिकॉर्ड के साथ विकास कार्यों को लेकर जांच की जा रही है। उन्हें लगातार डराया धमकाया जा रहा है। निर्मल सिंह ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में मिली हार की वजह से पूर्व विधायक असीम गोयल बौखला गए हैं।अपनी हार का बदला लेने के लिए वे सरपंचों के साथ कांग्रेस में आस्था रखने वाले कई कारोबारियों को परेशान कर रहे हैं। उन्हें नोटिस भेजकर व तोड़फोड़ करवाकर मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने पूर्व विधायक असीम गोयल को नसीहत देते हुए कहा कि चुनाव में हार जीत होती रहती है। यह राजनीति का कड़वा सच है कि मैदान में एक उम्मीदवार हारता है एक जीतता है। मगर इसके बाद हारने वाले को जनता के फैसले को स्वीकार करते हुए बेहतर सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
राजनीति का शिकार ना बने अफसर
विधायक निर्मल सिंह ने कहा कि अफसरों को भी यह बात समझनी चाहिए कि वे राजनीति का शिकार बनने की बजाय बेहतर सोच के साथ अपनी शासकीय जिम्मेदारी का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि अगर इसके बावजूद सरकार व अफसर सरपंचों के खिलाफ कार्रवाई करने से बाज न आए तो फिर कांग्रेसी चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अफसरों के साथ पूर्व विधायक को भी गांधीवादी तरीके से सबक सिखाया जाएगा।
निर्मल सिंह ने कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री नायब सैनी के जरिए उत्तरी हरियाणा को उसका हक मिला है । विकास के मामले में पूरी तरह पिछड़े उत्तरी हरियाणा के विकास को लेकर वे खुद लंबे समय से उसके हक की वकालत कर रहे थे। खुशी की बात है कि भाजपा ने उत्तरी हरियाणा को उसका हक देखकर पहली बार यहां का मुख्यमंत्री बनाया। ऐसे में हमें जिले को अच्छी सोच के साथ विकास के रास्ते पर ले जाना चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि चुनावी रंजिश निकालने की बजाय असीम गोयल अम्बाला शहर के विकास में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेंगे। अन्यथा हमें भी अपने तरीके से विरोध का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।






