यमुनानगर, 27 नवंबर —यमुनानगर में डॉग रेस्क्यू नाम से एक संस्था पिछले 8 साल से बिना स्वार्थ के डॉग्स को नया जीवन देने में लगी हुई है। यह संस्था 5000 डॉग्स को नई जिंदगी भी दे चुके हैं और इसके अलावा बहुत से डॉग्स की नसबंदी भी कर रहे हैं। अक्सर गलियों और सड़कों पर आवारा डॉग्स लोगों की आंखों में रडकते हैं। कई बार लोग उन्हें डंडों से पीटते हैं या फिर वह सड़कों पर ही कुचलकर मार दिये जाते हैं। लेकिन यमुनानगर में डॉग रेस्क्यू एक ऐसी संस्था है बीमार डॉग्स को नया जीवन देती है। इस संस्था के सदस्य पिछले 6 साल से यमुनानगर शहर के उन कुत्तों का रखरखाव कर रहे हैं जिन्हें पैरालिसिस, मोतियाबिंद, पथरी जैसे सामान्य रोग जो अक्सर मनुष्य में होते हैं उन डॉग्स को वह ठीक कराते हैं।
132 से ज्यादा डॉग्स है का हो रहा ट्रीटमेंट
डॉग रेस्क्यू संस्था की संचालक मोनिका का कहना है कि हम उन डॉग्स को अपने शेल्टर में रखते हैं जो बूढ़े हो जाते हैं और लोग उन्हें सड़कों पर ही छोड़ देते हैं। या फिर जिन डॉग्स को बीमारी होती है हम उनका इलाज भी कराते हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल हमारे शेल्टर में 132 से ज्यादा डॉग्स है जिनका ट्रीटमेंट चल रहा है और कुछ स्वस्थ भी हो गए हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि शहर में एक पोलिंग क्लीनिक खोला जाए ताकि हमें इनके इलाज के लिए दूधराज ना जाना पड़े। उन्होंने लोगों से यह भी अपील की है कि डॉग्स के साथ अच्छा बर्ताव करें क्योंकि यह ना तो बोल सकते हैं और नहीं इनका दिमाग इंसान जैसा होता है।
नगर निगम के डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर विजयपाल यादव ने कहा कि हम जल्द यमुनानगर में डॉग्स की वैक्सीनेशन और नसबंदी कराएंगे इसके लिए हम एक संस्था के संपर्क में भी है। इसे डॉग्स की पापुलेशन भी कंट्रोल होगी और जो डॉग्स बीमार है उनका इलाज भी होगा।फिलहाल यह संस्था अपने निजी कोष से बीमार डॉग्स का इलाज कर रही है अगर डॉग्स की सर्जरी भी करनी पड़े वह भी यह कराते हैं। इनका एनिमल लव लोगों के लिए ना सिर्फ प्रेरणादायक है बल्कि यह सीख भी देता है कि आज के जीवन में किसी व्यक्ति के पास इतना वक्त नहीं है कि वह इनको टाइम दे सके बल्कि ये लोग अपनी जिंदगी का महत्वपूर्ण समय इनका नया जीवन देने में लगे हुए हैं।







