पलवल, 7 सितम्बर ( TSN)- विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पलवल के गुर्जर भवन में गुर्जर समाज द्वारा एक पंचायत का आयोजन किया गया,जिसमें गुर्जर समाज के किसी प्रत्याशी को चुनाव लड़ाने पर विचार विमर्श हुआ. जिसमें गुर्जर समाज से पूर्व विधायक सुभाष चौधरी ने दो दिन का समय मांगा.उन्होंने कहा की कांग्रेस से टिकट नहीं मिलती है तो वो चुनाव नहीं लड़ेंगे और समाज जो भी फैसला लेगा उसके साथ रहेंगे. इस दौरान पूर्व विधायक का विरोधाभास भी खूब नजर आया.पूर्व विधायक सुभाष चौधरी ने अपने ही समाज को खरी खोटी सुनाई और कहा की यह समाज समय पर कभी साथ नहीं देता केवल झूठे आश्वासन तक ही सीमित है।
पलवल विधानसभा चुनाव को लेकर गुर्जर समाज ने किया पंचायत का आयोजन
पलवल में गुर्जर समाज द्वारा आयोजित पंचायत में वक्ताओं ने अलग अलग विचार रखे कुछ वक्ताओं का मन था की सुभाष चौधरी चुनाव लड़ें कुछ वक्ताओं का मत था की सर्व सम्मत्ति से गुर्जर समाज का कोई भी प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा जाये। बता दें की गुर्जर समाज से अलग अलग करीब आधा दर्जन दावेदार टिकट की दावेदारी कर रहे थे लेकिन जजपा एएसपी गठबंधन के अलावा किसी भी दल ने गुर्जर समाज के किसी नेता को उम्मीदवार नहीं बनाया. हालाँकि पूर्व विधायक सुभाष चौधरी अभी कांग्रेस से टिकट लाने की बात कह रहे हैं जिसके चलते पंचायत को दो दिन के लिए बिना किसी निर्णय के स्थगित कर दिया अब अगर सुभाष चौधरी को कांग्रेस से टिकट नहीं मिलती है तो दोबारा से पंचायत का आयोजन किया जायेगा जिसमें यह निर्णय लिया जायेगा की समाज की और से कौन प्रत्याशी होगा।
इस दौरान सुभाष चौधरी अपने समाज को घेरते हुए आरोप लगाए की हमारा जो बैंसलात का गुर्जर समाज है खासकर बड़ा गांव बड़ौली और कुशक ये कभी साथ नहीं देते में फोन करता हु कभी आते नहीं हैं. इनके पास झूठे आश्वासन के अलावा कुछ नहीं है, इसलिए मै निर्दलीय चुनाव नहीं लडूंग, मुझे बलि का बकरा न बनाया जाये। वहीं भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे संजय गुर्जर ने पंचायत के नतीजे के बारे में बताते हुए कहा की दोबारा से बड़ौली में पंचायत का आयोजन करके प्रत्याशी का चयन किया जायेगा.अगर समाज उन्हें यह जिम्मेवारी सौंपता है तो वो भाजपा को छोड़कर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं और जो फैसला समाज लेगा वो उसके साथ हैं। यदि कांग्रेस ने पूर्व विधायक सुभाष चौधरी को टिकट दिया तो वो उनके साथ रहेंगे और चुनाव नहीं लड़ेंगे







