06 नवंबर, यमुनानगर -हरियाणा में किसान न सिर्फ खेती हटकर कर रहे हैं बल्कि खाद में भी नए-नए इस्तेमाल प्रयोग में ले जा रहे हैं। यमुनानगर जिले के छछरौली में किसान सुमित केंचुए से खाद तैयार कर रहे हैं जिससे हजारों किसानों को बड़ा फायदा हो रहा है।
एक एकड़ में केंचुए से खाद बना रहे ये किसान
हरियाणा केंचुए की खाद खेतों में डालकर किसान न सिर्फ मोटा मुनाफा कमा रहे हैं बल्कि खेत की उर्वरक शक्ति भी बेहतर हो रही है। इन दिनों यमुनानगर और उसके आसपास के जिलों में केंचुए की खाद का किसान ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। छछरौली में किसान सुमित एक एकड़ में केंचुए से खाद बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि दो से तीन महीने के अंदर यह खाद तैयार हो जाती है। सबसे पहले गोबर को खुले में छोड़ा जाता है ताकि उस गैस निकल जाए। फिर इस पर पानी का छिड़काव किया जाता है ताकि यूरीन और खाद अलग-अलग हो सके। उसके बाद इसे एक लाइन में लगाकर ऊपर इस पराली डाली जाती है। कुछ दिन के बाद ट्राली से हटकर यह खाद बन जाती है। उन्होंने बताया कि यह देसी खाद से लाख गुना बेहतर है। इससे धरती की उपजाऊ शक्ति भी बढ़ती है और फसल बर्बाद भी नहीं होती। किसान सुमित ने कहा कि इस खाद में 16 पौष्टिक तत्व होते हैं जिसे फसल और पॉपुलर जैसी पेड़ों को भी भारी फायदा होता है।
फार्म पर खाद लेने आए किसान ललित और राजेश ने बताया कि वह इस खाद का 4 साल से इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि है देसी हाथ से कुछ महंगी जरूर है लेकिन इसके फायदे देसी खाद से बहुत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि मैं बाकी किसानों को भी इस खाद के एक बार इस्तेमाल किया फिर जरूर करूंगा।
किसान सुमित बताते हैं कि नासिक से इसकी ट्रेनिंग लेकर आए थे और मुफ्त में हर महीने 10- 12 किसानों को इसकी ट्रेनिंग दे रहे हैं। किसान इस ट्रेनिंग से बेहद खुश भी है। अब देखना होगा आने वाले दिनों में लोग देसी खाद को छोड़कर क्या केंचुए खाद का इस्तेमाल करेंगे और देखना होगा आने वाले दिनों में इसे और कितने बेहतर परिणाम निकलकर सामने आते हैं।







