जींद, 28 अगस्त-कुश्ती खिलाड़ी विनेश फोगाट को सम्मानित किया गया.उचाना के पास खटकड़ गांव टोल प्लाजा कमेटी ने बांगर की धरती पर 105 गावों के लोगों की ओर से उनको चांदी का मुकुट पहनाया। विनेश फोगाट ने कहा कि ओलंपिक में जो कुछ हुआ उससे बहुत दुखी थी। जब अपने देश लोटी तो सब का प्यार देखा तो यह लगा कि देश में मिले मान सम्मान के आगे वह मेडल कुछ नहीं था।विनेश को यहां युवाओं ने जहां गदा भेंट की , वहीं खटकड़ खाप ने चांदी का मुकुट पहनाया । खंडेला खाप द्वारा किसानी का प्रतिक हल भेंट कर उनका स्वागत किया।
विनेश फोगाट ने कहा कि जींद की धरती में बहुत ताकत , हिम्मत है । यहां के लोग लडाके हैं। यहां से ओलंपिक में मेडल जीतने वाले खिलाड़ी निकल सकते हैं।उसने जो कमी छोड़ी है वह जींद के युवा पूरा करें। मुझे कुश्ती आती है, कुश्ती सहित अन्य खेलों में वह सहयोग करेंगी ।
जब हम मुसीबत में थे, तो आप मेरी ताकत बने
विनेश फोगाट ने कहा कि जिस तरह से बेटी अपने माता-पिता का कर्ज नहीं चुका सकती। ऐसे ही आपका कर्ज नहीं उतार सकती। किसान आंदोलन में जब हमारे किसान शहीद हुए थे बहुत दुख होता था । वीडियो देखकर बहुत बार रोई थी। किसान आंदोलन में किसानों को बहुत परेशान किया गया । जितना मेरे से हो सका मैंने सहयोग किया । जब हम मुसीबत में थे ,दिल्ली धरना दे रहे थे तो आप मेरी ताकत बनकर मेरे साथ नजर आए।
जिद्द पर आयी तो कुछ भी कर सकती हूं
फौगाट ने कहा कि मेरे से आप लोगों की उम्मीद बढ़ गई है जो आप कहेंगे वह ही मैं करूंगी । जहां तक कुश्ती का सवाल है वह मैं कर पाऊंगी या नहीं पता। लेकिन वह अपनी जिद पर आ गई तो कुछ भी कर सकती है । इस तरह के आयोजन से खिलाड़ियों का हौसला बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मुझे अब पहचान हो गई कि कौन मेरे अपने हैं।सम्मान समारोह से पहले खटखड टोल के पास बनने वाले किसानों की याद में स्मारक एवं किसान भवन का भूमि पूजन किया गया । यहां पर किसान आंदोलन में मौत का ग्रास बने जिला जींद के किसानों के नाम लिखे जाएंगे।







