जींद, 22 अगस्त : हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को सायं पश्चिम बंगाल में महिला चिकित्सक के साथ हुए बला*त्कार एवं ह*त्या के रोष स्वरूप चिकित्सकों ने कैंडल मार्च निकाला। मार्च में सीएमओ डा. गोपाल गोयल, डा. पालेराम कटारिया, डा. मंजू, डा. रमेश पांचाल, डा. मनजीत, डा. पोरस, डा. प्रदीप, डा. रविंद्र, डेंटल सर्जन, आईएमए पदाधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, एनएचएम कर्मचारी, फार्मासिस्ट यूनियन, लैब टैक्रीशियन सहित सामाजिक संगठन से राजकुमार गोयल, राजकुमार भोला, मनजीत भौंसला, नरेंद्र मलिक, आशू जिंदल भी शामिल हुए। कैंडल मार्च नागरिक असपताल से शुरू होकर शहीद स्मारक पर संपन्न हुआ।
चित्सिकों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की और हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार कर फांसी की सजा दिए जाने की मांग की। इसके अलावा चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ सहित अस्पताल के सभी कर्मचारियों को चौबीसों घंटे सुरक्षा प्रदान करने की भी बात कही गई। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर चिकित्सक नागरिक अस्पताल में एकत्रित हुए। यहां प्रधान डा. बिजेंद्र ढांडा ने कहा कि चिक्तिसकों पर हमले की वारदातें समय-समय पर सामने आती हैं। इस बारे में सरकार, स्थानीय प्रशासनों को ज्ञापन भी सौंपे जाते हैं कि सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।
डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने कहा कि चिकित्सक को भगवान का दर्जा प्राप्त है लेकिन कुछ लोग चिकित्सकों पर हमला करने से भी गुरेज नहीं करते हैं। उपचार के दौरान चिकित्सक अपना सौ प्रतिशत देने का कार्य करता है। चिकित्सक का एक ही प्रयास होता है कि कैसे न कैसे मरीज को बचाया जाए। ऐसे में लोगों को चिकित्सकों के प्रति अपनी सोच को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं और व्यक्तिगत के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए एक सख्त केंद्रीय कानून बनाया जाना चाहिए। ऐसे जघन्य कृत्यों के अपराधियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो। स्वास्थ्य सुविधाओं में पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए जाए। चिकित्सक ह*त्यारों को तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जाए।







