यमुनानगर 6 अगस्त : यमुनानगर जिले के साढौरा विधानसभा के गांव चाणचक में माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया,जब मदरसे के कब्जे को खाली कराने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए.मदरसे के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है. लेकिन पुलिस की मौजूदगी में एक पक्ष के लोगों ने मदरसे के अंदर से ताला लगा दिया और महिलाओं-बच्चों को मदरसे में बिठा लिया. हांलाकि अभी तक पुलिस इस मामले को ना तो निपटा पाई और ना ही माहौल को शांत बना पाई. साढौरा पुलिस सुबह से गांव में मौजूद है लेकिन अभी तक मामले को निपटा नहीं पाई है.
मदरसे को कब्जा मुक्त कराने की मांग करने वाले सुलेमान ने प्रशासन की कार्यप्रणाली को ही कटघरे में खड़ा कर दिया. उन्होने कहा कि प्रशासन इस काम में लीपापोती कर रहा है. जब कोर्ट से आदेश आ गए हैं तो उसे तुरंत खाली करा देना चाहिए लेकिन प्रशासन विफल नजर आ रहा है. दूसरे पक्ष के व्यक्ति मोहम्मद यामीन ने बताया कि ये मदरसा साल 1965 से बना है ये मदरसा एक सोसाइटी चलाती है. इस पर किसी व्यक्ति विशेष का कब्जा नहीं है.उन्होने कहा कि प्रशासन भी हमें गुमराह कर रहा है. पुलिस दावा कर रही है कि माहौल फिलहाल शांत है. अगर माहौल सही है तो फिर मदरसे को कब्जामुक्त क्यों नहीं किया जा रहा है. क्या दो पक्षों के आगे प्रशासन सरेंडर कर चुका है. या फिर प्रशासन इस मामले को फिलहाल निपटाना नहीं चाहते ऐसे कई सवाल है जो इस विवाद में उठते नजर आ रहे है.







