भिवानी :चन्द्रिका ( TSN)-हरियाणा प्रदेश के डाक्टरों की हड़ताल के बाद अब प्रदेश के 18 हजार के लगभग नेशनल हैल्थ मिशन से जुड़े कच्चे कर्मचारी इन दिनों स्थायी जॉब के लिए प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर धरने पर बैठे हुए है। उनकी हड़ताल आज 9वें दिन में प्रवेश कर गई है। जिसके चलते प्रदेश में मूलभूत चिकित्सा सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। गर्भवती महिलाओं के पोषण व इनको समय पर ईलाज मिलना व बच्चों के टीकाकरण जैसी सुविधाएं इन्ही कर्मचारियों के माध्यम से क्रियान्वित की जाती रही है। आज भिवानी के लघु सचिवालय के बाहर एनएचएम कर्मचारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री की श*व यात्रा निकाली. सरकार को चेताते हुए एनएचएम कर्मचारियों को पक्का किए जाने की मांग की।
नियमित किए जाने की पॉलिसी में करे शामिल
भिवानी के एनएचएम कर्मचारी, सुनील, अनिल व अन्य महिला कर्मचारी ने बताया कि अकेले भिवानी जिला के 550 के लगभग एनएचएम कर्मचारी अपने परिवार सहित धरने पर बैठ गए हैं। उनकी एक ही मुख्य मांग है कि सरकार उन्हे नियमित किए जाने की पॉलिसी में शामिल करें। कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले 15 से 20 वर्षो से विभाग में कार्य कर रहे है। उनके बहुत से साथियों का वेतन विसंगतियों के चलते मनरेगा मजदूरों से कम वेतन है। कुछ ब्लॉक व जिला स्तर पर काम कर रहे एनएचएम कर्मचारियों का वेतन मासिक आठ हजार रूपये से भी कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ तो मैडिकल व नर्सिंग कॉलेज खोलने का दावा करती है। वही इनमें कोर्स करने वाले उन जैसे कर्मचारी आज रोजगार मिलने की बजाए दरी बिछाकर धरना देने पर मजबूर है। कर्मचारियों ने राज्य सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि सरकार उन्हे नियमित किए जाने की पॉलिसी में शामिल नहीं करती है तो वे आने वाले चुनाव में वर्तमान भाजपा सरकार को वोट की चोट करके दिखाएंगे।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ ही विभिन्न कर्मचारी संगठन अपने साथी कर्मचारियों के नियमिति करने व कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दे उठाने का कार्य जोर-शोर से करते है। इसी के चलते पिछले 9 दिनों से एनएचएम कर्मचारी धरने पर बैठे हुए है।







