पलवल : चन्द्रिका ( TSN)- पलवल में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने होनहार छात्रों डिग्री और मैडल देकर सम्मानित किया. समारोह में राज्यपाल ने 35 विषयों के 675 विद्यार्थियों को 1200 डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए। साथ ही अपने-अपने विषय में उत्कृष्ट रहे 10 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल भी दिए। जबकि उद्योग, उद्यमिता और कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली आठ विभूतियों को मानद उपाधियों से नवाजा गया।
85 फ़ीसदी से भी ज्यादा छात्रों की प्लेसमेंट की जताई उम्मीद
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय का दीक्षांत समारोह में पहुंचने पर कुलपति डॉ. राज नेहरू ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रचनात्मक सोच और मुख्यमंत्री मनोहर लाल की कर्मठता से अस्तित्व में आया है. 1000 करोड रुपए से भी ज्यादा की इस परियोजना का लक्ष्य विद्यार्थियों को कौशल के साथ रोजगार से जोड़ना है। कुलपति डॉ. राज नेहरू ने देश के 116 इंडस्ट्री पार्टनर विश्वविद्यालय के साथ समन्वित करके एक नया मॉडल विकसित किया है। यह पूरे देश के लिए एक उदाहरण भी है और प्रेरणा भी है। उन्होंने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के इन्नोवेटिव स्किल स्कूल की भी जमकर सराहना की, जिसमें विद्यार्थियों को नौवीं क्लास से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी और ब्लॉक चेन जैसे विषय पढ़ाए जा रहे हैं। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि 85 फ़ीसदी से भी ज्यादा विद्यार्थियों की प्लेसमेंट होगी। साथ ही विद्यार्थी उद्यमिता के क्षेत्र में भी अपना योगदान सुनिश्चित करेंगे। इस अवसर पर कुलपति डॉ. राज नेहरू एवं कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने उद्यमिता विकास के लिए सिडबी के सहयोग से सुपर 30 प्रोग्राम की लॉन्चिंग भी राज्यपाल के हाथों से करवाई। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीक्षांत समारोह में उपस्थित रूप आटोमोटिव्स के प्रबंध निदेशक मोहित ओसवाल ने विद्यार्थियों को उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में बेहतर सेवाएं देने और उत्कृष्ट के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।







