पलवल : चन्द्रिका ( TSN)- राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की खंडपीठ के द्वारा आज राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हथीन में शिविर व बैंच का आयोजन किया गया।राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य प्रीति भारद्वाज दलाल ने कहा कि हथीन क्षेत्र की महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कम है जिसकी वजह से जन्म लेने वाले बच्चों में विकलांगता के लक्षण पाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे विकलांग है,उनके प्रति संवेदना जरूरी है। ऐसे बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोडऩा जरूरी है।
प्रीति भारद्वाज दलाल ने कहा कि आयोग द्वारा कैंप के माध्यम से विकलांग बच्चों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य सुविधाऐं प्रदान की जा रही है। सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि पॉक्सो, गुमशुदा, बाल मजदूरी, बाल भिक्षावृत्ति, स्कूल संबंधी किसी दस्तावेज, आधार कार्ड, स्वास्थ्य संबंधी तथा मेडिकल सर्टिफिकेट, बच्चा गोद लेने में आने वाली समस्या जैसी बच्चों से जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत को बैंच के सम्मुख रख सकते हैं, जिसका समाधान मौके पर किया जाएगा। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, श्रमिक, समाज कल्याण विभाग आदि के अधिकारियों आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।वहीं जिला सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार गर्ग ने बताया कि विकलांग बच्चों की हर संभव मदद की जाएगी ताकि उन्हें भविष्य में किसी भी समस्या का सामना ना करना पड़े। बाल कल्याण समिति पलवल के सदस्य रणबीर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं हरियाणा बाल अधिकारी संरक्षण आयोग के मैम्बर यहां आए। शिविर में विकंलांग बच्चों के सर्टिफिकेट बनाए गए है। दस्तावेजों में जो कमी पाई गई उन्हें ठीक किया गया है। अनाथ बच्चों को आर्थिक मदद प्रदान करने व सरकार की योजनाओं का लाभ देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए है। शिविर में दिव्यांग बच्चों के मेडिकल व यूडीआईडी सर्टिफिकेट भी बनाए गए।







