करनाल : चन्द्रिका ( TSN)– देश का किसान अब परंपरागत खेती को छोड़कर स्मार्ट खेती की और कदम बढ़ा रहा है। किसान अब कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रहा है । करनाल के गांव पधाना के किसान प्रदीप कुमार ने टमाटर की खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने की पहल की है। करीब 8 एकड़ में टमाटर की खेती में किसान प्रदीप कुमार ने अपने खेत में वेदर रिमोट सेंसिंग सिस्टम से लेकर डिजिटल कैमरे का इस्तेमाल किया है जो किसान की फसल की निगरानी रखता है।
वेदर रिमोट सेंसिंग सिस्टम किट- पतंग की फ़ोटो खीचकर किसान को सावधान करता है, जिससे घर बैठे ही किसान को अपने खेत में फसलों पर कीटों के प्रभाव, मौसम की जानकारी पानी की जरूरत और दवाओं के इस्तेमाल की पूरी जानकारी मिल जाती है। प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में येलो ट्रैप भी लगाए हैं, जिससे कीटनाशकों के इस्तेमाल के बिना खेतों में फसल खराब करने वाले कीटों को समाप्त किया जा सकता है और वह पिला रंग देख कर इससे चिपक जाते है और फसल को नुकसान नही पहुँचता है। इस तकनीक से फसल की लागत मूल्य में कमी आई है । जिससे मुनाफा बढ़ा और कीटनाशकों के कम इस्तेमाल से फसलों का दाम भी अच्छा मिल रहा है और खेत से ही फ़सल बिक जाती है ।
हाईटेक कैमरे कीट पतंग की फोटो खींचकर किसान को करते है सावधान
किसान प्रदीप ने बताया कि एक निजी कंपनी के माध्यम से उन्होंने अपने टमाटर के खेतों में वेदर रिपोर्ट सेंसिंग सिस्टम लगाया है । यह कैमरा कीटो की फ़ोटो खिंचता है दिन में दो बार और बताता है कि खेतो में कोंन कौन से किट आए है, जिससे उसे घर बैठे ही अपनी फसल के बारे में सारी जानकारी हासिल हो जाती है। कैमरे से लैस इस सिस्टम की खूबी यह है कि यह फसल में आने वाले कीट पतंगों की फोटो खींचकर कंपनी के ऑफिस में भेज देता है और कम्पनी के अधिकारी फिर जांच करके उसे फसल में किस दवा का कितना इस्तेमाल करना है यह बताते है । इस सिस्टम के माध्यम से मौसम में आ रहे बदलाव और खेतों में पानी के इस्तेमाल को भी नियंत्रित किया जा सकता है। किसान प्रदीप कुमार ने कहा कि स्मार्ट तकनीक अपनाने के बाद फसल लागत में कमी आई है उत्पादन भी अच्छा होने लगा है और आज टमाटर की खेती से वह प्रति एकड़ 3 से 4 लाख रुपये तक मुनाफा कमा रहे रहे हैं । वही किसान प्रदीप कुमार ने अन्य किसानों से भी आधुनिक खेती की ओर अग्रसर होने की सलाह दी है ।







