सोनीपत(TSN): किसानों को प्राकृतिक तरीके से खेती करने की अच्छा सीखने और उन्हें मोटे अनाज के बारे में जागरुक करने को लेकर सोनीपत की पुलिस लाइन में कृषि विभाग की ओर से दो दिवसीय किसान उत्सव मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में 32 स्टॉल लगाकर किसान अपनी ऑर्गेनिक और जहर मुक्त खेती को भी प्रदर्शित कर रहे हैं।
मेले में लोग जमकर जानकारी लेने के साथ-साथ खरीदारी भी कर रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बीजेपी के प्रदेश महामंत्री और विधायक मोहनलाल बडोली पहुंचे। वहीं इस दौरान प्रगतिशील और आधुनिक खेती करने वाले किसानों को भी सम्मानित किया गया।
विधायक मोहनलाल बडोली ने कहा है कि देश के प्रधानमंत्री ने साल 2023 को मोटे अनाज के रूप में घोषित किया है। बाजार व अन्य मोटे अनाज की परंपरागत खेती रही है। किसानों की आय डबल हो इसके लिए प्रयास किया जा रहा है और किसानों की आए जब डबल हो जाएगी तो भारत विकसित राष्ट्र घोषित होगा। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय मेले काफी किसान पहुंचे हैं और उन्हें जागरूक किया जा रहा है।
वहीं जिला उपायुक्त मनोज कुमार ने बताया की मोटे अनाज को लेकर लोगों में जागरूकता आई है और इस मेले के माध्यम से प्रयास किया गया हैं की लोग इसकी गुणवत्ता जांचे। मोटा अनाज हमारे खान-पान का हिस्सा रहा है लेकिन बीते कुछ साल में लोग मोटे अनाज से विमुख हो गए है। देश के प्रधानमंत्री ने इस दिशा में कदम उठाए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोग मोटे अनाज को लेकर जागरूक हो रहे हैं। अच्छे रेस्टोरेंट और होटल में भी मोटे अनाज के आइटम्स बनने और बिकने शुरू हो गए हैं। जिला उपायुक्त ने अपील करते हुए कहा है कि दिन के एक टाइम के भोजन में मोटे अनाज को जरूर शामिल करना चाहिए।
सोनीपत में कृषि अधिकारी डॉ. पवन ने बताया कि किसानों को मोटे अनाज के लिए कृषि विभाग लगातार ज्यादा से ज्यादा जागरूक कर रहा है और इसी को लेकर आज सोनीपत की पुलिस लाइन में किसान उत्सव मेले का आयोजन किया गया है। मेले में मोटे अनाज के बारे में जानकारी दी गई है। मोटे अनाज को उगाने तक सीमित ना रखा जाए बल्कि आम आदमी की थाली तक वह जरूर पहुंचे इसके लिए प्रयास हो रहा है। कृषि विभाग दावा कर रहा है कि हर रसोई तक मोटा अनाज पहुंचे इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 32 स्टॉल मोटे अनाज की जानकारी को लेकर लगाए गए हैं। मौके पर किसानों को वैज्ञानिकों के माध्यम से जानकारी भी दी गई है कि किस प्रकार से वे आधुनिक खेती कर सकते हैं। काफी प्रोग्रेसिव किसान भी अपनी स्टॉल लगाकर लोगों को जानकारी दे रहे है।







