अंबाला (एकता): अक्सर लोगों को अपने काम करवाने के लिए निगम के चक्कर काटने पड़ते हैं, लेकिन उनके काम नहीं होते। काम ना होना सिर्फ जनता की समस्या ही नहीं बल्कि नगर निगम में जनता द्वारा चुने गए निगम सदस्य भी परेशान हैं। कई बार निगम सदस्य खुद अधिकारियों पर आरोप लगाते हैं कि वह काम नहीं करते। अब डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने फाइनेंस कमेटी से इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि कमेटी तो बना दी गई पर जब काम की बात आई तो वो नहीं किए गए।
कमेटी की मीटिंग बुलाई जानी थी पर वो भी आज तक नहीं बुलाई गई। राजेश मेहता का कहना है कि कमेटी बनने के बाद आज तक मीटिंग नहीं हुई। वहीं मेयर के रिमाइंडर देने के बावजूद किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया। निगम की इसी कार्य प्रणाली से परेशान होकर आज अंबाला नगर निगम के डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने फाइनेंस कमिटी से इस्तीफा दे दिया है। कमेटी की मीटिंग बुलाई जानी थी पर वो भी आज तक नहीं बुलाई गई। राजेश मेहता का कहना है कि उन्होंने इस्तीफा तो दे दिया पर लेकिन वे जनता की आवाज उठाते रहेंगे, जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।







