अंबाला (एकता): कहते हैं मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौंसलों से ही उड़ान होती है। ऐसे ही सपने हरियाणा की पहलवान ने पूरे किए। बता दें कि हिसार के भगाना की रहने वाली पहलवान अंतिम पंघाल ने दूसरी बार गोल्ड जीतकर इतिहास रचा। मीडिया सूत्रों के अनुसार पंघाल को उनके किसी कोच ने नहीं बल्कि उनके पिता ने ही पहलवानी सिखाई। हालांकि उनके घर की हालत ठीक नहीं थी लेकिन फिर भी उसने हार नहीं मानी। परिवार का काफी स्पोर्ट रहा।

लगातार 2 विश्व खिताब जीते
जानकारी के मुताबिक अंतिम पंघाल ने U-20 World Wrestling Championship में यूक्रेन की खिलाड़ी मारिया येफ्रेमोव को 4-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। वह लगातार 2 विश्व खिताब जीतने वाली देश की पहली महिला पहलवान बनी। पदक जीतने पर परिवार में खुशी का माहौल है। पंघाल का सपना था कि वह कुश्ती में अपने परिवार का नाम रोशन करे।

बहन से प्रेरणा लेकर मैदान पर उतरी थी अंतिम
खास बात यह है कि अंतिम ने इस मेडल तक पहुंचने के लिए दिन-रात एक किया। उसने अपनी बड़ी बहन से प्रेरणा ली, बता दें कि उसकी बहन कबड्डी की नेशनल खिलाड़ी हैं। उसके बाद अंतिम ने मैट पर उतरने का फैसला किया।








