अंबाला (एकता): सावन का पूरा महीना भोलेनाथ के भक्तों के लिए बहुत ही खास है। आज से यानि 4 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है। सावन की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है। बता दें कि सावन का महीना जिसे श्रावण के नाम से भी जाना जाता है। सावन महीने के सोमवार या शिवरात्रि पर जलाभिषेक किया जाए तो वो इससे भगवान शिव जल्द प्रसन्न होते हैं। दूसरी तरफ कांवड़ यात्रा को लेकर अंबाला पुलिस ने कई गाइड लाइन जारी की हैं।

मीडिया सूत्रों के अनुसार कांवड़ शिविर लगाने वाले व कांवड़ियों को इसका पालन करना होगा। बता दें कि सावन माह के शुरू होने के साथ ही सभी कांवड़िए हरिद्वार से कांवड़ लेकर आते हैं। शिवलिंग पर जलअभिषेक से यात्रा समाप्त करते हैं। ऐसे में अंबाला-हरिद्वार रोड पर कांवड़ियों का आना-जाना लगा रहता है। ट्रैफिक व्यवस्था न बिगड़े इसको लेकर एसपी अंबाला जश्नदीप रंधवा ने एक गाइड लाइन जारी की गई है।

- कांवड़ शिविर या किसी प्रकार का कोई भंडारा सड़क से केवल बांई तरफ ही 100 गज की दूरी पर लगा हो। ताकि शिविर में आने वाले कांवड़ियों को सड़क पार न करनी पड़े, उन्हें वहीं ही सभी सुविधा उपलब्ध हो।
- कांवड़ शिविर में लगने वाला पंडाल/टैंट एंव शामियाना अग्निरोधक कपड़े से बना हो।
- कांवड़ शिविर में आवश्यकतानुसार अग्निशमन यन्त्रों का प्रबन्ध किया गया हो।
- कांवड़ शिविर में बिजली की फीटिंग कन्डयूट पाइप से की गई हो। सभी तारें/पाईप विघुत प्रतिरोधक टेप द्वारा जुड़ें हों।
- आयोजक कांवड़ शिविर के आसपास अपने स्तर पर आवश्यक्तानुसार बैरिगेंटिंग करगें।
- कांवड़ शिविर में आवश्यक्तानुसार सी.सी.टी.वी. कैमरे लगे होंगे।
- कावंड शिविर के आसपास सुरक्षा व सफाई का उचित प्रबन्ध आयोजक अपने स्तर पर करेंगें।
- लाउड स्पीकर/डी.जे. का प्रयोग सरकार द्वारा निर्धारित मानकों/नियमों की पालना करते हुए धीमी गति से करेगें।
- प्रत्येक कांवड़ियों को अपना पहचान पत्र साथ लेकर चलना अनिवार्य होगा।
- किसी के भी पास कोई ऐसी कोई वस्तु या हथियार न हो।
- कावंड शिविर में महिलाओं व पुरुषों के रुकने के लिए अलग-अलग व्यवस्था होनी चाहिए।
- कावड़ शिविर में किसी प्रकार के नशीले पदार्थ कर सेवन नहीं करने देंगें।







