चंडीगढ़ (अंकुर कपूर): हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में जल क्रांति की ओर कदम बढ़ाते हुए एकीकृत जल संसाधन कार्य योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है, जब इतने बड़े स्तर पर जल संसाधन के लिए कार्य योजना की शुरुआत की गई है। इस कार्य योजना में पानी की कमी और जल भराव की दोहरी चुनौती से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों द्वारा बनाई गई। ब्लॉक स्तरीय कार्य योजनाएं शामिल हैं।
इस योजना का लक्ष्य दो वर्षों की अवधि में पानी की मांग और आपूर्ति के अंतर को लगभग 50 प्रतिशत तक पूरा करना है। उन्होंने कहा कि सवा महीने पहले पंचकूला में दो दिवसीय जल सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें प्रशासनिक सचिवों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया था। सम्मेलन का उद्देश्य गिरते भूजल स्तर के मद्देनजर एक एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन रणनीति और दृष्टिकोण पर चर्चा करना था। विभागों ने जिला समितियों, विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के इनपुट के आधार पर मांग और आपूर्ति की योजना प्रस्तुत की है जिसकी कार्य योजना अब तैयार की गई।
प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि बेटियों ने हमें आवाज दी तो हमने बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया सबके प्रयास से बेटियां बची, आज धरती माँ हमें आवाज़ दे रही है, तो हमारा फ़र्ज़ बनता है कि हम अपने प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करें, लेकिन किसी भी कीमत पर उनका शोषण न करें। सब मिलकर प्रयास करेंगे तो पानी भी बचेगा और धरती माता की रक्षा की जा सकेगी।







