चंडीगढ़ (अंकुर कपूर): हरियाणा में नशे के कारोबार में संलिप्त आरोपियों की संपत्ति अटैच की गई है। मीडिया सूत्रों के अनुसार इस कड़ी में मुख्य सचिव ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की बैठक कर अधिकारियों को ऑपरेशन धाकड़ तेज करने का आदेश दिया है। नशे के कारोबार में संलिप्त 41 आरोपियों की 37 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की गई है। ड्रग की आपूर्ति और मांग की श्रृंखला को तोड़ने के लिए तस्करों पर कड़ा शिकंजा कसा जा रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार ड्रग तस्करी में शामिल आरोपियों की संपत्ति को अटैच किया जा रहा है। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए।
प्रिस्क्रिप्शन दवाओं पर भी रखें निगरानी
कौशल ने कहा कि प्रदेश में प्रिस्क्रिप्शन दवाईयों की आपूर्ति व उसके उपयोग पर भी निगरानी रखी जाए। उन्होंने स्वास्थ्यं विभाग के अधिकारियों को ड्रग ओवरडोज से होने वाली मृत्यु से संबंधित विशेष मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी एक माह में तैयार करने और हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ सांझा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, एफएसएल का आधुनिकीकरण किया जाए ताकि एफएसएल में जांच प्रक्रिया में और तेजी लाई जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस समय 90 नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं। इसमें से 21 सरकारी तथा अन्य निजी संस्था ओं और एनजीओ द्वारा संचालित हैं। नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली पर विशेष बल दिया जाना चाहिए। प्राइमरी हेल्थज सेंटर और क्मयूनिटी हेल्थत सेंटर में क्षमता निर्माण हेतू भी क्लीनिकल मनोचिकित्सक सहित अन्य मैनपॉवर की नियुक्ति की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए। आवश्यक दवाओं में नशा मुक्ति दवाओं को भी शामिल किया जाए।
नशा मुक्ति केंद्रों का नियमित दौरा करें अधिकारी
जानकारी के मुताबिक मुख्य सचिव ने निर्देश देते हुए कहा कि जिला उपायुक्त जिला स्तरीय कमेटी की मासिक बैठक कर समीक्षा करें। अधिकारी नियमित तौर पर जिलों में बने नशा मुक्ति केंद्रों का दौरा करें। इसके अलावा, एसडीएम भी प्रति माह एक बार दौरा कर निरीक्षण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नियमित दौरों के अलावा भी संबंधित अधिकारी औचक निरीक्षण भी करें। नशा मुक्ति केंद्रों के दौरे से संबंधित रिपोर्टिंग के लिए एक स्टैंडर्ड फॉरमेट तैयार किया जाए।
एडवाइजरी बोर्ड का जल्द होगा गठन
बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टीवीएसएन प्रसाद ने बताया कि पीआईटी, एनडीपीएस अधिनियम के प्रभावी उपयोग व क्रियान्वयन हेतू ब्यूरो में एडवाइजरी बोर्ड के गठन को भी जल्द मंजूरी मिल जाएगी। इसके अलावा, एनडीपीएस अधिनियम के तहत आने वाले मामलों के लिए ब्यूरो की ओर से हरियाणा पुलिस अकादमी और पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों तथा हिपा द्वारा 17 प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए गए। धाकड़ कार्यक्रम, हॉक सॉफ्टवेयर, प्रयास ऐप और साथी ऐप से संबंधित प्रशिक्षण के लिए 21 वर्कशॉप भी ओयाजि की गई। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर धाकड़ पहल के तहत भी जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।







