अंबाला (अंकुर कपूर): कोरोना के बाद अब इन्फ्लूएंजा वायरस यानी एच-3 एन-2 ने देश में अपने पैर पसारे हुए हैं। जिसके चलते हरियाणा सरकार अलर्ट हो गई है। वहीं प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी जिलों मे एडवाइजरी जारी कर दी है। बता दें कि सभी लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दी गई है और किसी को ज्यादा डरने की भी जरूरत नहीं हैं। जानकारी के मुताबिक अभी स्कूल के बच्चों के पेपर चल रहे हैं और उनको थोड़ा सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर किसी बच्चे मे इस वायरस के लक्षण पाए जाते हैं तो वे पेपर में दूसरे बच्चों से दूर बैठे।
उन्होंने कहा कि ये वार्षिक परीक्षाएं हैं ये देनी भी जरुरी हैं। इसलिए बच्चे थोड़ा ध्यान रखें क्योंकि ये वायरस बच्चों व बुजुर्गो में जल्दी फैलता है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को इन्फ्लूएंजा वायरस को कोविड-19 की तरह सावधानी बरतनी के पत्र लिखने के बाद रोहतक सिविल अस्पताल में इन्फ्लूएंजा मरीजों के लिए अलग से वार्ड बना दिया गया है। दवाई भी अलग से काउंटर पर दी जाएगी। पिछले एक हफ्ते में सर्दी खांसी-जुकाम और बुखार के 20% मामले बढ़ गए। डॉक्टर के अनुसार 2 प्रतिशत लोगों को ज्यादा खतरा, 2 साल से कम के बच्चे व 60 साल के बुजुर्ग में हैं।

रोहतक सिविल अस्पताल में अलग से बनाए गए वार्ड
रोहतक सिविल अस्पताल में इसके लिए अलग से वार्ड बना दिया गया है, जिसमें इन मरीजों को रखा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि दवाई के लिए भी काउंटर अलग से बनाया गया है। ताकि दूसरे मरीजों में इन्फ्लूएंजा के मरीज मिक्स न हो। उन्होंने कहा कि सर्दी-खांसी जुकाम बुखार सिर में दर्द, पैरों में दर्द आदि इन्फ्लूएंजा के लक्षण हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि यह वायरस हवा में रहता है। साथ ही उन्होंने यह कहा कि 2% लोगों को इससे ज्यादा खतरा है। इसके अलावा छोटे बच्चे और बुजुर्गों को भी अपनी चपेट में ले लेता है। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी तक कोई गंभीर मामला रोहतक में वायरस का नहीं आया है, लेकिन सिविल अस्पताल में पिछले एक हफ्ते में 20% सर्दी खांसी-बुखार के मामले सामने आए हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को एक पत्र जारी किया है जिसमें इन्फ्लूएंजा वायरस को कोविड-19 की तरह ही नियम अपनाने की बात कही है। इसी के तहत रोहतक सिविल अस्पताल में मरीजों के लिए अलग से वार्ड बना दिया गया है।








