कैथल (अंकुर कपूर): पंचकूला में धरने से उठाए गए सरपंचों ने कैथल में सरकार और पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के खिलाफ नारेबाजी की और आगामी रणनीति तय करते हुए बड़ा फैसला लिया। उन्होंने कहा कि अगर 9 तारीख को मुख्यमंत्री ने वार्ता के बाद ई-टेंडरिंग और राईट टू रिकॉल कानून को वापिस नहीं लिया गया तो हरियाणा के सरपंच आगमी 11 मार्च को गांव देहात के लोगों के साथ करनाल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के करनाल स्थित आवास का घेराव करेंगे।
सरपंच एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संतोष बेनिवाल ने कहा कि उनके पास मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए 9 तारीख का समय रखा गया है। अगर मुख्यमंत्री ने बात न मानी तो गांव देहात के लोगों के साथ आगामी 11 तारीख को करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राईट टू रिकॉल का कानून विधायक और सांसदों पर भी लागू होना चाहिए। क्योंकि सरपंच भी सांसद और विधायक की तरह चुने हुए प्रतिनिधि है। साथ में उन्होंने कहा की इसके इलावा गांव में मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 321 से बढ़ाकर 600 रुपए की जाए।
सरपंच एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संतोष बेनीवाल ने कहा की सरकार ई टेंडरिंग से कमीशनखोरी बढ़ाना चाहती है लेकिन ग्राम पंचायत ऐसा नहीं होने देगी। उन्होंने कहा की गांव में घुसने पर JJP और BJP के नेताओं का विरोध किया जाएगा।







