कुरुक्षेत्र (अंकुर कपूर): गणतंत्र दिवस के अवसर पर जहां पूरे देश प्रदेश में देश की आन-बान-शान तिरंगे झंडे को फहराया गया, वहीं कुरुक्षेत्र के हल्का पिहोवा में यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी मंत्री संदीप सिंह के ध्वजारोहण करने का महिला सोनिया दुहन द्वारा विरोध किया गया था। जिसको लेकर पुरुष पुलिसकर्मियों वह अन्य लोगों ने उनके साथ बदतमीजी की थी। इस घटना के बाद सोनिया को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया। जिसके चलते शनिवार को कुरुक्षेत्र के निजी होटल में सोनिया दुहन ने बातचीत की और अपने ऊपर हुए अत्याचार के बारे में बताया।

सोनिया ने आरोप लगाए कि जिस व्यक्ति पर 354 जैसे धाराएं लगी हो उसे राष्ट्र ध्वज फहराने की इजाजत देना सरासर गलत और राष्ट्रध्वज का अपमान है। सोनिया ने बातचीत में कहा कि उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से धमकियां दी जा रही है। उनके रिश्तेदारों को फोन कर मामले को खत्म करने के लिए कहा गया। लेकिन अब वे शांत होकर बैठने वाली नहीं है।
सोनिया ने कहा कि जब तक वह मंत्री संदीप की इस्तीफा और गिरफ्तारी नहीं होती तब तक वे इस संघर्ष को जारी रखेंगी। ये लड़ाई मेरी नहीं बल्कि पूरे देश प्रदेश की बेटियों की इज्जत की है। सत्ता में बैठे हवस के भूखे भेड़िए बेटियों को नौंचने के लिए बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में प्रदेश की सभी खापें, सामाजिक सन्गठन, अन्य राजनीतिक दल भी समर्थन में उनके साथ है। जब तक वह इस्तीफा नहीं देते और उनकी गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक लड़ाई जारी रहेगी। यह कोई राजनीतिक स्टंट नहीं है यह बेटियों की इज्जत सुरक्षा का सवाल है और रही हरियाणा में चुनाव लड़ने की बात तो वह फैसला उनकी पार्टी करेगी।
क्या था मामला
सोनिया दुहन ने ध्वजारोहण करने से पहले मंत्री संदीप सिंह से सवाल किया। लेकिन मंत्री ने मंच से अपने कार्यकर्ता को इशारा कर पकड़ने को कहा। जिसके बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरातफरी मच गई। पुरुष पुलिसकर्मियों ने सोनिया दुहन के साथ बदतमीजी की। इतना ही नहीं एक सादी वर्दी में एक सिख व्यक्ति द्वारा शॉल को दुहन के गले में डालकर खींचकर गला घोंटने की कोशिश की गई थी। जबकि वहां कोई महिला पुलिसकर्मी भी नहीं थी। इसके बाद उन्हें थाने में कई घंटे बिठाया गया। सामाजिक दल और खाप पंचायतों द्वारा सोनिया को छोड़ने और कोई कार्यवाही न करने की चेतावनी के बाद पुलिस ने सोनिया को छोड़ दिया।







