अंबाला (अंकुर कपूर): भारतीय कुश्ती संघ और पहलवान विनेश फोगाट के बीच हुए विवाद के बाद अब भारत की पहली डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर कविता दलाल समर्थन में उतरीं है। कविता दलाल ने अपने साथ हुई आपबीती के बारे में भी बात की। डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर ने कहा कि 2008 और 2010 की बात थी तब वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के अध्यक्ष पूर्व आईपीएस ने उस समय मुझे कैंप के लिए लखनऊ साईं सेंटर में परमिशन के लिए बुलाया था।

मैंने अध्यक्ष को कहा कि मुझे फेडरेशन की ओर से परमिशन चाहिए थी ताकि मुझे डिपार्टमेंट से परमिशन मिल सके। जब इस बारे में मैंने अपने कोच से बात की तो उसने पहले ही अध्यक्ष के बारे में आगाह रहने की बात की। इसलिए वह अपने पति के साथ पूरा प्रोटेक्शन के साथ वहां गई थी। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य था अगर मेरे साथ भी ऐसी वैसी हरकत होती तो मुझमें इतनी हिम्मत थी कि उनका मुंह तोड़ जवाब दे सकती थी। कविता दलाल ने कहा कि खिलाड़ी कमजोर नहीं मजबूर हैं।
खिलाड़ी अपना लंबा करियर एक झटके में नहीं छोड़ सकती। कई तरह की नीतियां उनपर लाकर थोप दी जाती है। हमारा सिलेक्शन काट दिया जाता है। हम अपना आत्मसम्मान बचाने की कोशिश करती हैं। पानी सिर से ऊपर चले जाने के बाद हम हिम्मत जुटाती हैं। लेकिन अब दिल्ली जंतर-मंतर पर जिस तरह से विनेश फोगाट और खिलाड़ी जुटे उसी को देखते हुए मुझ में भी हिम्मत आ गई इसीलिए यह बात कह नहीं पड़ी। उन्होंने कहा है कि आने वाली नई पीढ़ी को इस तरह की उत्पीड़न न झेलना पड़े, इसलिए वह मुहिम चलाना चाहती हैं। वह देश व प्रदेश की बेटियों से अपील करती है कि किसी के साथ भी ऐसा हुआ है तो वह सामने आए, ताकि ऐसे लोगों का चेहरा साफ हो सके।







