करनाल (अंकुर कपूर): करनाल सीएम सिटी में हरियाणा ग्राम पंचायत अधिकार संघ ने ई-टेंडरिंग के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। सरपंचों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और ई-टेंडरिंग को पूर्ण रूप से खत्म करने की मांग उठाई।
सरपंचों ने कहा कि राइट टू रिकॉल योजना से गांवों में भाईचारा खत्म हो जाएगा। सरपंच पद को लेकर विवाद बना रहेगा। अगर सरपंच विवादों में ही उलझा रहेगा तो वह गांव का विकास कैसे करवा पाएगा। ई-टेंडरिंग प्रणाली भी विकास कार्यों को तेजी से करवाने में बाधा बनेगी। सरपंचों ने कहा कि गांव की समस्याओं के समाधान के लिए सरपंचों को तुरंत फैसला कर समस्या के समाधान के लिए काम शुरू करवाना पड़ता है। अब नियम बनाया गया है कि अगर दो लाख से अधिक का काम होगा तो उसका टेंडर होगा। जिसमें काफी समय बर्बाद होता है। सरपंचों व पंचों ने सरकार से मांग की कि दोनों योजनाओं को वापस लिया जाए।
सरकार ने पंचायतों के विकास कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग नियम लागू किया है। सरपंचों का दावा है कि इस नियम से ग्रामीण क्षेत्रों के कामों की रफ्तार धीमी पड़ जाएगी। सरपंच ठीक ढंग से काम भी नहीं करवा पाएंगे। प्रदर्शन करने पहुंचे सरपंचों ने कहा कि 15 जनवरी टोहाना में पहुंचकर सभी सरपंच ब्लॉक समिति के सदस्य बड़े स्तर का प्रदर्शन करेंगे।







