Home Haryana हरियाणा विधानसभा में शीतकालीन सत्र के पहले दिन CM मनोहर लाल खट्टर...

हरियाणा विधानसभा में शीतकालीन सत्र के पहले दिन CM मनोहर लाल खट्टर ने पढ़ा शोक प्रस्ताव (Video)

172
0

चंडीगढ़ (अंकुर कपूर): हरियाणा विधानसभा में सोमवार को शुरू हुए शीतकालीन सत्र के पहले दिन शोक प्रस्ताव और शोक संतप्त परिवारों के सदस्यों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सदन में शोक प्रस्ताव पढ़े। इनके अलावा, विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता और विपक्ष के नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने भी शोक प्रस्ताव पढ़कर अपनी ओर से श्रद्धांजलि दी। विधानसभा अध्यक्ष ने शोक संतप्त परिवारों को सदन की भावना से अवगत करने का आश्वासन भी दिया। सदन के सभी सदस्यों ने खड़े होकर दो मिनट का मौन रखा तथा दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना भी की।

सदन में जिनके शोक प्रस्ताव पढ़े गए, उनमें हरियाणा के भूतपूर्व राज्यपाल धनिक लाल मंडल, हरियाणा विधान सभा के भूतपूर्व सदस्य भाग सिंह छात्तर शामिल हैं। सदन में अदम्य साहस दिखाते हुए मातृभूमि की एकता व अखंडता की रक्षा करने के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले हरियाणा के 17 वीर शहीदों के निधन पर भी शोक व्यक्त किया गया।

इन वीर शहीदों में जिला गुरुग्राम के लेफ्टिनेंट कर्नल सौरभ यादव, जिला भिवानी के गांव नंदगांव के कैप्टन निदेश सिंह यादव, जिला भिवानी के गांव झांवरी के निरीक्षक जितेन्द्र कुमार, जिला महेन्द्रगढ़ के गांव पटीकरा के सहायक उप निरीक्षक विरेन्द्र सिंह, जिला महेन्द्रगढ़ के गांव गणियार के हवलदार सत्येन्द्र पाल, जिला फरीदाबाद के गांव शाहजहांपुर के राइफलमैन मनोज कुमार, जिला हिसार के गांव ढंढेरी के राइफलमैन निशांत मलिक, जिला भिवानी के गांव झांवरी के सिग्नल मैन चन्द्रमोहन, जिला महेन्द्रगढ़ के गांव बुढवाल के नायक मनोज कुमार, जिला झज्जर के गांव सिलानी केशो के नाविक मोहित कुमार, जिला झज्जर के गांव डावला के सिपाही विनोद, जिला रेवाड़ी के गांव रामपुरी के सिपाही योगेश कुमार, जिला रोहतक के गांव बोहर के सिपाही सतपाल, जिला महेन्द्रगढ़ के गांव सुन्दरह के सिपाही कर्ण सिंह, जिला झज्जर के गांव चढ़वाना के सिपाही राजेश, जिला चरखी दादरी के गांव धनासरी के सिपाही मंजीत, जिला यमुनानगर के गांव कल्याणपुर के सिपाही नूर हुसैन, जिला जींद के गांव छाप्पर के सूबेदार सरबजीत पाल सिंह तथा जिला जींद के गांव हाट के हवलदार जसमेर सिंह शामिल हैं।

इनके अलावा, सदन ने 23 दिसम्बर, 2022 को सिक्किम के जेमा में सेना का ट्रक खाई में गिरने से 16 जवानों के हुए दुःखद व असामयिक निधन पर भी गहरा शोक प्रकट किया। इससे पहले बिजनेस एडवाजरी कमेटी की बैठक में अहम निर्णय लिया गया। शीतकालीन सत्र की अवधि तीन दिन ही रहेगी।

पंचायती राज संस्थाओं को 15 करोड़ रुपए जारी किए जाने की नहीं की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से कभी भी प्रदेश में नगर निकायों व पंचायती राज संस्थाओं को 15 करोड़ रुपए जारी किए जाने की घोषणा नहीं की गई थी। अगर कोई इकाई वित्तीय रूप से कमजोर रहती है तो राज्य सरकार उसकी मदद अवश्यक करती है। मुख्यमंत्री सोमवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधायक बिशन लाल द्वारा वित्तीय रूप से कमजोर नगर समितियों को राशि जारी करना के संबंध में लगाए गए प्रश्न के उत्तर में बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर समितियों को केंद्रीय वित आयोग, राज्य वित्त आयोग का पैसा समय-समय पर प्रदान किया जाता है। इन समितियों की अपनी आय भी होती है, यदि यह सभी निधि खर्च करने के बाद कोई संस्था वित्तीय रूप से कमजोर रहती है तो राज्य सरकार आवश्यकता अनुसार उसकी मदद करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में रादौर नगर पालिका के पास केंद्रीय वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग का पैसा अभी भी बकाया है। इनके पास कुल 4 करोड़ रुपये की राशि शेष है। पहले इस राशि को खर्च किया जाए, उसके बाद यदि आवश्यकता होगी तो राज्य सरकार विचार करेगी।

गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों को किया नमन

मुख्यमंत्री ने अपनी कविता में कहा कि ‘गुरू गोबिंद सिंह के बच्चे, उमर में थे अगर कच्चे, मगर थे सिंह के बच्चे, धर्म ईमान के सच्चे, गर्ज कर बोले थे यूं, सिंह मुंह खोल उठे थे यूं, नहीं हम झुक नहीं सकते, कहीं रूक नहीं सकते, कहीं पर्वत झुके भी हैं, कभी दरिया रूके भी हैं, नहीं रूकती है रवानगी, नहीं कभी झुकती जवानी है, जोरावर जोर से बोला, फतेह सिंह छोर से बोला, रखो इंटें, भरो गारे, चिनों दीवार हत्यारे, निकलती सांस बोलेगी, हमारी लाश बोलेगी, यही दीवार बोलेगी, हजारों बार बोलेगी।’

मुख्यमंत्री ने सदन को अवगत करवाया कि दिसंबर का दिन है और प्रधानमंत्री ने इस दिन को पिछले वर्ष ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इसी कड़ी में हम विधानसभा सत्र में उन वीर बाल शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के चार बच्चों में से दो ने तो पहले ही धर्म की रक्षा के लिए शहादत दे दी थी। जोरावर सिंह व फतेह सिंह को जब दीवार में चिनवाया गया था तो दीवार के एक-दूसरे छोर से दोनों ने धर्म की रक्षा के लिए ललकार लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि धन्य हैं माता गुजरी जिन्होंने ऐसे वीर पुत्रों को जन्म दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here