भिवानी (अंकुर कपूर): हरियाणा में भिवानी जिले के सुई गांव के दो भाई अमेरिका में बैठकर यहां के बच्चों के सपने पूरे करने में लगे हैं। इतना ही नहीं वह इन बच्चों के सपनों को उड़ान मिले, इसके लिए वे विशेष तौर पर समय निकाल रहे हैं। वह इन बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं। बता दें कि आजकर वह अमेरिका से गांव में घूमने के लिए आए हुए हैं। गांव की मिट्टी की खुशबू उन्हें बार-बार यहां की याद दिलवाती है और वे यहां से जुड़ने के लिए यहां के बच्चों को नि:शुल्क रूप से कंप्यूटर तो सिखाते ही हैं। साथ ही उन्हें फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ भी पढ़ाते हैं। दरअसल साल 1985 से 87 तक गांव के राजकीय स्कूल में पढ़ने वाले बलजीत व सरजीत आज भी गांव व स्कूल से खूब लगाव रखते हैं।
बलजीत व सरजीत यूं तो अमेरिका में अपनी कंपनी चलाते हैं। वहां की जिंदगी में बेशक वे मशगूल थे लेकिन यहां की चिंता उन्हें अभी भी रास आ रही है। भिवानी के सुई गांव के बच्चों को पढ़ाने की बात उनके दिमाग में आई तो उन्होंने फिर बिना रुके कार्य शुरू कर दिया और साथ दिया। उनके पिता ने कैप्टन लालचंद ने अपने बच्चों के सपनों को पंख दिए और गांव में ही कंप्यूटर की लैब बना दी, ताकि बच्चे नि:शुल्क सीख सके। कैप्टन साहब ने गांव के बच्चों को जोड़ा और उन्हें सीखने के लिए उत्साहित किया। अब 35 बच्चे उनकी इस लेब में अमेरिका से पढ़ रहे हैं। काफी बच्चे तो अब अपनी वेबसाइट भी बना चुके हैं।
बलजीत सिंह का कहना है कि अमेरिका में शाम होती है और हिंदुस्तान में सुबह से 6 बजे तब वे अपनी क्लास शुरू करते है। बच्चे भी क्लास में बहुत कुछ सीख चुके हैं। वहीं गांव के औप बच्चे भी सीखे इसके लिए आज वे गांव के राजकीय स्कूल में पहुंचे और उन्हें सीखने के लिए उत्साहित किया। गांव के ही स्कूल में आज ग्रामीणों के सामने बच्चों ने बताया कि वे बलजीत से बहुत कुछ सीख चुके हैं। कंप्यूटर सीखने वाले बच्चे आज काफी उतसाहित है। उनका कहना है कि वे काफी कुछ सीख रहे है। गांव में जहां कंप्यूटर देखने को नहीं मिलता वह पूरी लेब नि:शुल्क मिल रही है और वे सीख थे है। बल्कि इस मुहिम में एक को तो रोजगार भी मिला है।








