कैथल (अकुंर कपूर): देश में कई जगहों से अंधविश्वास की तमाम खबरें आती रहती है, लेकिन कैथल में एक ऐसी खबर सामने आई है जो इंसानियत को शर्मसार करने वाली है। हरियाणा के कैथल जिले में अंधविश्वास के चलते एक मां-बाप ने पैदा होने के बाद अपने डेढ़ साल के बच्चे को प्रसाद की तरह डेरे में दान कर दिया। डेरे की साध्वी प्रभा मुनि का कहना है कि दंपती के पास पहले एक लड़की है और उन्होंने पहला लड़का होने पर डेरे में दान देने की मन्नत मांगी थी। उनका मानना है कि बाबा की कृपा रही तो आगे भी लड़के पैदा होंगे।

बताया जा रहा है कि बच्चे के माता-पिता इस समय मुंबई में नौकरी करते है जो हरियाणा के अंबाला जिले के रहने वाले है। बच्चे को डेरे से आजाद करवाने के लिए अनाथ आश्रम ने भी कोशिश की लेकिन डेरे ने अभी तक बच्चों को अपने पास रखा हुआ है। जिसको लेकर बाल संरक्षण आयोग व पुलिस बच्चे को रेस्क्यू करवाने में जुटी हुई है। मामले की जांच कर रहे DSP रविंद्र सांगवान का कहना है कि मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस डेरे में गई थी। जिसको लेकर बाबा को बताया गया कि वो इस तरह बच्चे नहीं रख सकते। जिसको लेकर उन्होंने बच्चे के माता-पिता को बुलाने को कहा गया है।

बाल सरंक्षण आयोग कमेटी की रिपोर्ट पर FIR दर्ज की जाएगी, ताकि की पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर सके। बाल सरंक्षण आयोग समिति के चेयरमैन राणा बंसल का कहना है कि हमको चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर बच्चे को दान में देने की सूचना मिली थी। बाल सरंक्षण आयोग ने सख्त कार्यवाही करते हुए बच्चे के माता-पिता को मुंबई से कैथल बुलाकर पुलिस की मदद से बच्चे को सकुशल वापिस अपने माता-पिता को सौंप दिया है। बच्चे के माता-पिता बच्चे को गाड़ी में बैठाकर वापिस अपने घर ले गए हैं। जांच अधिकारी अजमेर सिंह का कहना है कि हमें सूचना मिली थी कि यहां पर एक डेढ़ साल के बच्चे को दान में दिया गया है। हम यहां बाल संरक्षण आयोग के साथ आए उसके बाद बच्चे को यहां से बाल संरक्षण आयोग में पेश किया गया। बच्चे के माता पिता ने बयान दिया है की उनको मुम्बई जाना था इसलिए बच्चे को डेरे में छोड़ा गया था।







