रोहतक: कॉमनवेल्थ गेम में कांस्य पदक जीतने वाली महिला पहलवान पूजा सिहाग अपने पति राष्ट्रीय पहलवान अजय नांदल की मौत के मामले में न्याय की गुहार लगा रही है। उनका कहना है बेवजह उनके पति को ड्रग्स लेने वाला दिखाकर बदनाम किया जा रहा है। जबकि वे उसे 8 साल से जानती हैं, आज तक कोई भी ड्रग्स लेने का मामला उनके सामने नहीं आया। इस मामले में उसके दो आरोपी दोस्तों से पुलिस अगर कड़ाई से पूछताछ करें तो सारा मामला निकल कर सामने आ जाएगा। लेकिन व पुलिस की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं है, यही नहीं आज तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी उन्हें नहीं मिली। वही मां का भी कहना है कि कम से कम मौत के बाद दो बेटे पर बदनामी का दाग ना लगाओ।

27 अगस्त को राष्ट्रीय पहलवान अजय नांदल की एक निजी अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस में मामला दर्ज हुआ, अजय के साथ रहे उसके दोस्त रवि ने कोई नशे की ओवरडोज उसे दी है, जिसके चलते उसकी मौत हुई है। पुलिस ने भी यही कहा था कि प्रारंभिक जांच में ऐसा लगता है कि नशे की ओवरडोज से अजय की मौत हो सकती है। जिससे कॉमनवेल्थ पदक विजेता एवं मृतक अजय नांदल की पत्नी पूजा इत्तेफाक नहीं रखती और आज उन्होंने अपने पति की मौत पर न्याय पाने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
पूजा ने अपने पति को लेकर कहा कि आठ साल से वह एक दूसरे को जानते थे उन्होंने कभी नशा नहीं किया। उसके साथ रवि और सोनू नाम के दो उस दिन दोस्त थे। सवाल उठ रहा है जब मैंने रवि से पूछा यह क्या और कैसे हुआ तो उसने कहा था कि वह वहां नहीं था। डॉक्टर से वह फोन पर बात कर रहा था। जब हमने यह कहा अजय की मौत मामले किसी को छोड़ेंगे नहीं तो वह आर्मी अस्पताल दिल्ली में भर्ती हो गया। अजय, रवि, सोनू तीनो पहलवान है आठ साल से दोस्त थे। रवि नेवी में है जबकि सोनू अखाड़े में कुश्ती करता है। उस दिन उन्होंने अजय को क्या पिलाया हमे नहीं पता। मगर यह सवाल खड़ा होता है अजय की कुछ पीने से मौत हो गई जबकि वे दोनो सेफ चल फिर रहे थे। बाद में दोनों हॉस्पिटल में भर्ती हो गए। जबकि हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी में रवि अजय को बेसुध लाता हुआ दिखाई दे रहा है। अब रवि ओर सोनू दोनो ही सच्चाई बता सकते है कि उन्होंने उस दिन क्या लिया था।
उन्होंने कहा कि अभी तक अजय की पोस्ट मार्टम की रिपोर्ट भी डॉक्टर हमे देने से मना कर रहे है। पोस्ट रिपोर्ट एक दिन ही मिल जाती है। रिपोर्ट में क्या आया वह हमे जानकारी मिलनी चाहिए। वहीं पुलिस अब तक जो जांच कर रही उसके बारे में भी रवि और सोनू से की पूछताछ को भी नही बता रही है। जिस दिन यह हुआ वह सिर्फ बास्केट बाल मैच की बात कह कर घर से गए थे। उन्होंने कभी ड्रग्स नहीं लिया, वे पहलवान थे और सीआईएसएफ में कांस्टेबल पर तैनात थे अगर कोई साबित कर दे कि वह ड्रग्स लेते थे वह अपना केस वापिस ले लेंगे।
हमारी मांग है जो भी इस मामले में दोषी है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए दोनो से सख्ती से पूछताछ की जाए, ताकि सबके सामने सच्चाई आ सके। हम किसी पर दोष नहीं रख रहे मगर हमे न्याय मिलना चाहिए। वही मां का कहना है कि अपने बेटे को अच्छी तरह से जानती थी। वह किसी प्रकार का नशा नहीं करता था। इसलिए सारी बात सामने आनी चाहिए और कम से कम मरने के बाद तो उस पर नशे का दोष न लगाया जाए।







