भिवानी (एकता): भिवानी के लोहारू के गांव में बोलेरो गाड़ी के अंदर राजस्थान के दो भाइयों को जिंदा जलाए जाने के मामले में सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। बता दें कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में मृतकों के सिर में गंभीर चोट के निशान मिले हैं। जिससे पता चलता है कि भाइयों को मारने से पहले उनके सिर पर वार किया गया फिर बोलेरो में जिंदा जलाया गया। पुलिस ने बताया कि गाड़ी की खिड़कियों के सभी शीशे तोड़े गए थे। शवों की हालत देखकर ऐसा लगता है कि जलाने से पहले दोनों भाइयों के हाथों को बांधा गया था।

जानिए हत्या का पूरा मामला
राजस्थान के भरतपुर जिले के नासिर और जुनैद के अगवा होने की भी रिर्पोट दर्ज करवाई गई थी। मृतक के भाई का आरोप है कि उसके दोनों चचेरे भाई अपनी बोलेरो गाड़ी में ससुराल गए थे। रात को दोनों वहीं रुक गए। जब दोनों अपनी गाड़ी से वापस घर लौट रहे थे, तभी करीब आठ दस लोगों ने उनको रोका और उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। इतना ही नहीं उन्होंने दोनों को अगवा कर लिया। फिलहाल भिवानी पुलिस दोनों जले हुए कंकालों को कब्जे में लेकर जांच में जुटी है।
मामले की जांच के बाद राजस्थान के भरतपुर पुलिस को भिवानी बुलाया गया। जिसके बाद राजस्थान पुलिस ने जले हुए शवों का पोस्टमार्टम कर उन्हे पॉलिथीन में लपेटकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को शव सौंप दिए गए। इस बारे में भिवानी के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह एवं लोहारू के डीएसपी जगत सिंह मोर ने बताया कि राजस्थान के भरतपुर जिला के गोपालगढ़ थाना पुलिस के हवाले जली हुई बोलेरो गाड़ी कर दी गई है। गाड़ी के चैसिस नंबर के आधार पर जब पता लगाया गया कि गाड़ कहां की है, तब गोपालगढ़ थाने में इनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज पाई गई।
सीआरपीसी की धारा-174 के तहत कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। अब इस सारे मामले का आगे का अनुसंधान राजस्थान पुलिस करेगी तथा हत्या किए जाने के ऐंगल से आगे की जांच किए जाने का उन्होंने अंदेशा जताया। इस सारे मामले को गो-तस्करी व बजरंग दल से जोड़े जाने के सवाल पर डीएसपी जगत सिंह मोर ने कहा कि लोहारू क्षेत्र के लोग शांतिप्रिय है तथा कृषि कार्य करते है। इस घटना में स्थानीय लोगों की संलिप्ता प्राथमिक दृष्टि में नहीं पाई गई है। राजस्थान से ही कोई व्यक्ति इनका पीछा कर रहा था। इस बात की जांच अब राजस्थान पुलिस आगे बढ़ाएगी।







