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फरीदाबाद में महिला आयोग की जनसुनवाई में हंगामा : दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की, पुलिस ने संभाला मोर्चा

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अनिल मंगला , फरीदाबाद। हरियाणा राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। यह घटना महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया की मौजूदगी में हुई। विवाद बढ़ता देख मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा और एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसकी जांच सेंट्रल थाना पुलिस कर रही है।

जानकारी के अनुसार मामला फरीदाबाद के सेक्टर-5 क्षेत्र की रहने वाली एक महिला से जुड़ा है, जिसने दिल्ली के द्वारका निवासी गुरप्रीत पर शादी का झांसा देकर धोखाधड़ी करने और सोना हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़िता के भाई मन्नू ने आयोग को बताया कि गुरप्रीत ने कई वर्षों तक उसकी बहन को शादी का भरोसा देकर अपने संपर्क में रखा और इस दौरान उससे कई तोला सोना भी ले लिया।

पीड़िता के मुताबिक उसने वर्ष 2021 में विदेश जाने के लिए वीजा आवेदन किया था, जो अस्वीकृत हो गया। इसी दौरान उसकी मुलाकात गुरप्रीत से हुई और दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। महिला का आरोप है कि नवंबर 2022 में गुरप्रीत ने उससे शादी का प्रस्ताव रखा था। उसने शुरुआत में ही अपने तलाकशुदा होने की जानकारी भी दे दी थी। पीड़िता का कहना है कि दिसंबर 2024 तक गुरप्रीत और उसके परिवार को इस रिश्ते पर कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन बाद में उन्होंने शादी से इनकार कर दिया। साथ ही आरोप लगाया गया कि इस दौरान लिया गया सोना भी वापस नहीं किया गया।

जनसुनवाई के दौरान मामला तब गरमा गया जब आरोपित पक्ष के एक रिश्तेदार ने कथित तौर पर पीड़िता के भाई को धमकाने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हंगामा बढ़ता देख पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया। बाद में एक व्यक्ति को सेंट्रल थाना पुलिस अपने साथ लेकर गई।

इस दौरान रेणु भाटिया ने कुरुक्षेत्र के अस्पताल निरीक्षण के दौरान की गई अपनी टिप्पणी को लेकर चल रहे विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। नर्सिंग अधिकारियों द्वारा माफी की मांग और पेनडाउन हड़ताल के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह किसी भी स्थिति में माफी नहीं मांगेंगी। उनका कहना था कि अस्पताल में एक बच्ची के साथ हुई गंभीर घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करना आवश्यक था।

रेणु भाटिया ने कहा कि यदि ऐसी घटना किसी भी परिवार के साथ होती तो लोग भी कार्रवाई की मांग करते। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर जो कदम उठाए गए, वे आवश्यक थे और इसी क्रम में संबंधित नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने दोहराया कि उनके बयान पर माफी मांगने का कोई सवाल नहीं है।

फिलहाल जनसुनवाई में हुए हंगामे और धक्का-मुक्की की घटना को लेकर पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं महिला आयोग के समक्ष प्रस्तुत शिकायत पर भी सुनवाई जारी है।

 

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