हरियाणा, 25 अक्टूबर -मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हम नॉन स्टॉप हरियाणा के लिए तीन गुणा रफ्तार से काम करेंगे। इस काम में विपक्ष का भी अहम योगदान रहेगा। विपक्ष से जनहित में जो भी सुझाव हमें मिलेंगे, हम उनका पूरा मान-सम्मान करते हुए जनता की अपेक्षाएं, आशाएं व आकांक्षाओं को पूरा करने का हर संभव प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरविंदर कल्याण को अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि अपने विस्तृत अनुभव, अनूठी कार्यशैली और विनम्रता और विवेक जैसे अद्भुत व्यक्तित्व के अनेक गुणों से हरविंदर कल्याण अध्यक्ष पद की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि हरविंदर कल्याण इस महान सदन में लगातार तीसरी बार चुनकर आए हैं। उनके पास राजनीतिक और सामाजिक जीवन का लंबा अनुभव है। गत 10 वर्षों में अनेक संसदीय समितियों में उन्होंने विधायी कामकाज को पूरी निष्ठा से किया है। गर्व की बात है कि वर्ष 2019 से 2023 की अवधि में वे लोक लेखा समिति के अध्यक्ष रहे। इसके अतिरिक्त उन्होंने अनुमान समिति और सार्वजनिक उपक्रम समिति के अध्यक्ष पद को भी सुशोभित किया है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी कार्यकुशलता और निष्पक्ष प्रवृत्ति से नव निर्वाचित अध्यक्ष इस सदन की कार्यवाही का संचालन प्रभावी रूप से करेंगे। इससे लोकतंत्र परम्पराएं और सुदृढ़ होंगी। सदन के अध्यक्ष के रूप में हर कदम पर नये कीर्तिमान स्थापित करेंगे। उन्होंने सदस्यों से अनुरोध करते हुए कहा कि वे सभी सामूहिक रूप से मनसा वाचा-कर्मणा जनहित व प्रदेश हित को सर्वोपरि रखें।
पहली बार विधानसभा के अध्यक्ष एक इंजीनियर और उपाध्यक्ष एक डॉक्टर चुने गए
मुख्यमंत्री ने कृष्ण लाल मिड्ढा को सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार विधानसभा के अध्यक्ष एक इंजीनियर और उपाध्यक्ष एक डॉक्टर चुने गये हैं। इस सुखद संयोग से प्रदेश के विकास को चार चांद लगेंगे। उन्होंने कहा कि उपाध्यक्ष सबको साथ लेकर चलेंगे, सबको अपनी बात रखने का पूरा अवसर देंगे और सदन की मर्यादा को पूरी तरह से कायम रखेंगे। मुख्यमंत्री ने समूचे सदन की तरफ से व मंत्रिमंडल की तरफ से विश्वास दिलाते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही के सुचारू संचालन में लोकतांत्रिक मूल्यों का पूरी निष्ठा से पालन किया जायगा। उन्होंने आह्वान किया कि सदस्य किसी भी राजनीतिक पार्टी से सम्बन्ध रखते हों, लेकिन सभी सदस्य आपस में एक-दूसरे का सहयोग करें ताकि सदन को सुचारू रूप से चलाया जा सके। सदन की गरिमा बनाए रखने में सभी सदस्यों का योगदान बहुत जरूरी है।







