कैथल ,21 सितम्बर : हरियाणा ओल्ड पेंशन बहाली संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल ने पत्रकारों से बातचीत कर बताया ओल्ड पेंशन स्कीम का मुद्दा हरियाणा का बहुत पुराना मुद्दा है. इसको लेकर हम पिछले 6 साल से संघर्ष कर रहे हैं,जिसको लेकर साइकिल मार्च पैदल मार्च और बड़ी-बड़ी रैलियां कर चुके हैं।
विजेंद्र धारीवाल ने कहा कि सरकार से जब चंडीगढ़ और पंचकूला में OPS का हक मांगने गए थे तब बदले में हमें आंसू गैस पुलिस की लाठियां धक्का मिली। OPS बहाली को लेकर और कर्मचारियों द्वारा सरकार को जगाने के लिए पूरे प्रदेशभर में लगभग 1400 किलोमीटर की साइकिल यात्रा निकल चुके हैं सरकार हमारा हक देने की बजाय, पुरानी पेंशन बहाली हमारे मुद्दे से ध्यान भटकने का काम कर रही है। पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर सरकार कई से फाइनेंशियल बर्डन की बात करती है, कभी इसमें संशोधन की बात कही जाती है कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षित करने की बजाय जिसको लेकर हरियाणा प्रदेश के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारियों में नाराजगी है। कर्मचारी और अधिकारियों की नाराजगी का असर इतना है कि सरकार के नुमाइंदगी करने वाले नुमाइंदो में साफ नजर आ रही है इसका उदाहरण है कि मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री लगातार उनके ऊपर भड़ास निकाल रहे हैं तो कभी उन्हें धमकी कभी उनकी नौकरियां छीन लेने का काम कर रहे हैं मैं बता देना चाहता हूं कि यह मुद्दा हर गरीब किसान मजदूर के परिवार से जुड़ा है हर कर्मचारी के परिवार से जुड़ा मुद्दा है, हरियाणा प्रदेश का प्रत्येक कर्मचारी और अधिकारी वोट फोर ओपीएस और हमने एक निर्णय लिया था कि आचार संहिता तक यदि यह सरकार ऑप्स को हरियाणा प्रदेश में बहाल करती तो निश्चित रूप से इनका धन्यवाद करते, यह उसे बात से चूक चुके हैं आज वोट फॉर ऑफिस अधिकारी और कर्मचारी उनके साथ खड़े हैं जिनके मेनिफेस्टो में हमारा मुद्दा गारंटी के तौर पर रखा गया है शामिल किया गया है। हरियाणा प्रदेश का प्रत्येक कर्मचारी और अधिकारी अपने मुद्दे के लिए अपने परिवार के लिए अपने भविष्य के लिए, ऐसी सरकार बनाने का काम करेगा जो पहले कैबिनेट में ओपीएस को बहाल करने का काम करेगी।







