करनाल(TSN): प्रदेश में डिपो होल्डर्स अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है। ऐसे में पीडीएस का राशन लेने वाले उपभोक्ताओं की दिक्कतें बढ़ सकती है । सरकार की ओर से सरकारी राशन डिपुओ को लेकर जारी की गई नई गाइडलाइंस डिपो होल्डर्स को रास नहीं आई है। नए नियमों के अनुसार डिपो होल्डर की आयु 60 वर्ष होने पर डिपो का आबंटन रद्द किया जाएगा और नया डिपो बनाने के लिए न्यूनतम 300 राशन कार्ड संख्या निर्धारित की गई हैं। सरकार के इन दोनों नियमों के विरुद्ध डिपो होल्डर्स आक्रोशित हो गए है और हड़ताल कर रहे है।
मंगलवार को जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे डिपो होल्डर्स ने अपनी मांगों को लेकर जिला उपायुक्त के नाम ज्ञापन भी दिया है। इस दौरान प्रधान गौरव और संजय भाटिया ने बताया की डिपो होल्डर के लिए 60 वर्ष की आयु तय करना गलत है इससे कई डिपो वाले बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार को 60 वर्ष की आयु वाले डिपो धारक के परिजनों को प्राथमिकता देनी चाहिए । राशन डिपो के लिए 300 कार्ड की न्यूनतम सीमा निर्धारित करना भी गलत है ये लिमिट 600 कार्ड की होनी चाहिए। वहीं डिपो होल्डर्स ने अठन्नी और वजन को लेकर भी सवाल उठाए है।
खाद्य आपूर्ति विभाग के दफ्तर पहुंचे डिपो होल्डर्स ने कहा कि अठन्नी मिलनी बंद हो चुकी है लेकिन चीनी का भाव डिपो पर 13 रुपए 50 पैसे रखा गया है ऐसे में पचास पैसे कैसे लिए जाए । डिपो एसोसिएशन के प्रधान गौरव ने आरोप लगाया कि राशन डिपो पर भेजे गए गेंहू के कट्टों का वजन 52 किलो बताया जाता है जबकि मंडियों में गेंहू का वजन 50 किलो रखा जाता है । डिपो पर हो गेंहू पहुंचता है उसका वजन कम होता है और सवाल डिपो होल्डर पर उठते है । उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर रहे है और यदि उनकी मांगे नहीं मानी तो वे अपनी मशीन विभाग को सौप देंगे ।







