बलिंदर कुमार, कैथल। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि रामायण के रचयिता भगवान महर्षि वाल्मीकि ने अपने महान महाकाव्य के माध्यम से मानवता को मर्यादा, कर्तव्य, आदर्श जीवन और लोक कल्याण का मार्ग दिखाया। उनके विचार सत्य, त्याग, सेवा और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देते हैं। भगवान वाल्मीकि ने प्रभु श्रीराम तक पहुंचने का मार्ग दिखाया और रामायण के माध्यम से भारतीय समाज को नैतिक मूल्यों की सीख दी।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि केवल संस्कृत साहित्य के महान रचनाकार ही नहीं, बल्कि भारतीय समाज की नैतिक चेतना और मानवीय मूल्यों के अमर प्रेरणास्रोत भी हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में समरसता, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
मंत्री ने कहा कि संस्कृत को केवल अतीत की भाषा मानने के बजाय वर्तमान की संभावनाओं और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना जरूरी है। संस्कृत भाषा और उसके साहित्य में ज्ञान का व्यापक भंडार है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने युवाओं से देशविरोधी षड्यंत्रों के प्रति सतर्क रहने और सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान भी किया।
महिपाल ढांडा ने महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में देश के सभी संस्कृत विश्वविद्यालयों की तुलना में सर्वाधिक दाखिले होने पर विश्वविद्यालय प्रबंधन को बधाई दी। उन्होंने विश्वविद्यालय में रामायण पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा भी की। इस केंद्र के माध्यम से रामायण से जुड़े अध्ययन, शोध और ज्ञान को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जाएगा।







