रोपड़। शिव कॉलोनी निवासी 12 वर्षीय दैविक की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस की जांच जारी है। सूत्रों के अनुसार, जिस पिस्तौल से दैविक को गोली लगी, उसमें पहले से दो गोलियां लोड थीं और उसका लॉक भी खुला हुआ था। बताया जा रहा है कि गोली दैविक के सिर को पार करते हुए पास में रखी अलमारी में जा लगी, जिससे उसमें भी छेद हो गया। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय किन परिस्थितियों में गोली चली और पिस्तौल किसके हाथ में थी।
सूत्रों के मुताबिक, जिस अलमारी में पिस्तौल रखी गई थी, वह भी अनलॉक थी। पुलिस ने पिस्तौल अलमारी से बरामद की है। घटनास्थल से गोली और उसका खोल भी मिला है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि गोली चलने के बाद पिस्तौल को वापस अलमारी में किसने रखा। फिलहाल पुलिस ने नाबालिग आरोपी को अभिरक्षा में नहीं लिया है।
परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने दैविक के दोस्त और सहपाठी के खिलाफ हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि घटना की परिस्थितियों और गोली चलने से जुड़े घटनाक्रम का पता लगाया जा सके।
13 अक्तूबर की शाम दैविक अपने दोस्त के घर गया था। कुछ देर बाद दोस्त के घर से उसकी मां के पास फोन आया कि दैविक को गोली लग गई है। सूचना मिलते ही उसकी मां और दादा मौके पर पहुंचे। वहां दैविक खून से लथपथ हालत में पड़ा था। परिजन उसे तुरंत जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद दैविक के पिता रवि गोयल के बयान पर पुलिस ने उसके नाबालिग दोस्त के खिलाफ हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया। पुलिस अब बरामद पिस्तौल, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।







