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हरियाणा में 15 अक्टूबर तक बारिश के आसार, कुरुक्षेत्र-कैथल में तेज हवाओं का अलर्ट

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चंडीगढ़। हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के कई जिलों में बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र और कैथल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। वहीं, 14 और 15 अक्टूबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

सोमवार को जींद, सोनीपत, गुरुग्राम और रेवाड़ी के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। सोनीपत में बारिश के बाद खेतों में पानी भर गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इसके चलते प्रदेश के तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, 13 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र और कैथल में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। इसके अलावा पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और जींद में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 14 और 15 अक्टूबर को प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बूंदाबांदी से लेकर मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग की 12 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा में औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बावजूद अधिकतम तापमान सामान्य से औसतन 2.9 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। महेंद्रगढ़ में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए किसानों को फसलों और कृषि उपज की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खुले में रखी फसल और अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखने के साथ ही बारिश से बचाव के उचित इंतजाम करने की जरूरत है। गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचना चाहिए।

आमजन को भी खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर रखने से संभावित बदलावों के लिए समय रहते तैयारी की जा सकती है।

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