चंडीगढ़ I हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बड़ी राहत देते हुए उनके सरकारी आवास पर बकाया 27.17 लाख रुपये का पीनल रेंट माफ करने का फैसला लिया गया। वहीं, पूर्व हाउसिंग बोर्ड चेयरमैन राजवीर सिंह फौगाट पर करीब चार लाख रुपये की पेनल्टी लगाने का निर्णय किया गया। इस मामले पर कैबिनेट बैठक में काफी देर तक चर्चा हुई। कई मंत्रियों ने सभी के लिए समान नियम लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भूपेंद्र हुड्डा के सरकारी आवास पर अगस्त 2024 से दिसंबर 2025 तक निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने के कारण पीनल रेंट लगाया गया था। उस दौरान उनके पास नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं था। हुड्डा ने सरकार से पीनल रेंट माफ करने का अनुरोध किया था, जिसके बाद इस संबंध में प्रक्रिया शुरू की गई। इससे पहले भी यह प्रस्ताव मंत्रिमंडल की बैठक में रखा गया था, लेकिन तीन मंत्रियों की आपत्तियों के चलते उस समय फैसला टाल दिया गया था। अब दोबारा प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद कैबिनेट ने बकाया राशि माफ करने को मंजूरी दे दी।
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार के दौरान जननायक जनता पार्टी (जजपा) के कोटे से हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन रहे राजवीर सिंह फौगाट के मामले में भी कैबिनेट ने फैसला लिया। पंचकूला के सेक्टर-12ए स्थित सरकारी आवास निर्धारित समय पर खाली नहीं करने के कारण उनके खिलाफ करीब 38 लाख रुपये का पीनल रेंट लगाया गया था। अब उनके मामले में लगभग चार लाख रुपये की पेनल्टी निर्धारित की गई है।
हरियाणा लोक निर्माण विभाग के नियमों के अनुसार, नई सरकार के गठन के बाद मंत्री या विधायक को 15 दिनों के भीतर सरकारी आवास खाली करना होता है। निर्धारित समय सीमा में आवास खाली नहीं करने पर सामान्य किराए से कई गुना अधिक पीनल रेंट वसूला जाता है। नियमों के मुताबिक, पहले महीने में सामान्य किराए का 50 गुना, दूसरे महीने में 100 गुना और तीसरे महीने में 200 गुना किराया वसूलने का प्रावधान है। इसके बावजूद आवास खाली नहीं करने पर चौथे महीने से 400 गुना किराया वसूला जाता है।






