चंडीगढ़ I हरियाणा मंत्रिमंडल ने पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य की अग्निवीर नीति में संशोधन को मंजूरी दे दी है। शनिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस फैसले के तहत पात्र पूर्व अग्निवीरों को नीति के दायरे में आने वाले ग्रुप-सी पदों पर भर्ती के लिए निर्धारित परीक्षाओं से छूट मिलेगी। आरक्षण और अन्य लागू प्रावधानों के अनुसार, उन्हें विज्ञापित पदों पर सीधी नियुक्ति के लिए विचार किया जाएगा। इस संशोधन का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाना और पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
संशोधित नीति के तहत पूर्व अग्निवीरों को पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में वन्यजीव रक्षक, भारतीय रिजर्व बटालियन में कांस्टेबल, राज्य आपदा मोचन बल में कांस्टेबल और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में फायर ऑपरेटर-सह-ड्राइवर के पदों पर भर्ती के लिए शारीरिक जांच परीक्षा (पीएसटी) और शारीरिक माप परीक्षा (पीएमटी) से भी छूट दी जाएगी। इन पदों को हाल ही में पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य की मौजूदा आरक्षण नीति के दायरे में शामिल किया गया था।
मंत्रिमंडल ने खान एवं भूविज्ञान विभाग में माइनिंग गार्ड के पद को ग्रुप-डी से ग्रुप-सी में शामिल करने की सैद्धांतिक मंजूरी भी दी है। इसके लिए हरियाणा खान एवं भूविज्ञान विभाग (ग्रुप-सी) सेवा नियम, 1998 में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इस फैसले से सरकारी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित आरक्षण और अन्य लाभों को लागू करने में मदद मिलेगी।
बैठक में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की पात्रता से जुड़े नियमों में भी बदलाव को मंजूरी दी गई। इसके तहत योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर एक लाख 80 हजार रुपये कर दी गई है। आय सीमा बढ़ने से अधिक महिलाएं योजना के दायरे में आ सकेंगी और उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ मिल सकेगा।





